इंदौर में कल से BRICS सम्मेलन, 20 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दी जानकारी
भारत इस साल BRICS 2026 सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है. इसी कड़ी में इंदौर में भी कृषि मंत्रियों की बैठक होगी. जिसकी जानकारी आज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी दिनों में होने वाली BRICS 2026 बैठक को लेकर विस्तृत जानकारी दी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि—
"साल 2006 में ब्रिक्स की शुरुआत हुई थी और आज 11 सदस्य देशों व 10 साझेदार देशों के साथ यह विश्व के सबसे प्रभावशाली समूहों में से एक बन गया है। वैश्विक दृष्टिकोण से यह समूह बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि दुनिया की लगभग 42% कृषि भूमि, 68% कृषि जोतें और करीब 42% खाद्य उत्पादन इन्हीं ब्रिक्स देशों के पास है।"

बता दें कि 2026 से पहले भी भारत इस सम्मेलन की अध्यक्षता कर चुका है। इससे पहले भी साल 2012, 2016 और 2021 में भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता की थी और अब चौथी बार भारत को अध्यक्षता करने का मौका मिला है।
शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा—
"अधिकारियों के समूह ने अब तक आठ बैठकें की हैं, जिनमें खाद्य सुरक्षा, फिशरीज, पशुपालन जैसे विषयों पर विमर्श हुआ है। हमारी प्रत्येक नीति नवाचार के केंद्र में छोटे जोत वाले किसान रहे हैं। इनकी अपनी समस्याएं हैं। रिसर्च का लाभ इन्हें मिले, बाजार तक इनकी पहुंच आसान हो, कृषि क्रेडिट का प्रवाह इनकी तरफ बढ़े। किसानों की आय, रोजगार, आजीविका और सतत कृषि विकास पर चर्चा होगी।"

9 जून से शुरू होने वाली इस बैठक में लगभग 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल होने के लिए आएंगे। यह पहली बार होगा जब बैठक मंत्री स्तर पर आयोजित की जाएगी। मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत की अध्यक्षता में अब तक कृषि कार्य समूह के अंतर्गत 4 सत्रों में 8 सफल बैठकें हो चुकी हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया—
"इस साल के आयोजन में छोटे और सीमांत किसान हमारी हर नीति और सहयोग के केंद्र में रहेंगे। कृषि विकास का वास्तविक अर्थ तभी सिद्ध होगा जब किसानों की आय बढ़ेगी और उनकी आजीविका सुरक्षित होगी। इस बार मुख्य रूप से चार विषयों—खाद्य सुरक्षा, पोषण एवं आजीविका; कृषि व्यापार एवं सहयोग; जलवायु अनुकूलन एवं सतत कृषि; तथा कृषि एवं खाद्य प्रणालियों में नवाचार व साझेदारी को सशक्त बनाने पर विशेष काम किया जा रहा है।"

आयोजन 9 जून से शुरू होगा, जिसमें 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह की बैठकें होंगी और 12 से 13 जून को मुख्य कृषि मंत्रियों की बैठक का आयोजन किया जाएगा। इतना ही नहीं, 12 जून को “लघु किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा” विषय पर भी एक विशेष मंत्री स्तरीय संवाद होगा।
इन बैठकों में खाद्य हानि को कम करने, पशुपालन, मत्स्य पालन और किसानों के अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा होगी। साथ ही सदस्य देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधियों की सहभागिता से एक विशेष “ब्रिक्स वाटिका” का निर्माण किया जाएगा, जिसमें सामूहिक वृक्षारोपण होगा। विदेशी मेहमानों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से रूबरू कराने के लिए राजवाड़ा, छप्पन दुकान और मांडू जैसे स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा।


