कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली; धमाके में 11 की मौत
कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के मुख्य आरोपी नौशाद को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पैर में गोली लगी। हादसे में 11 लोगों की मौत हुई थी।
कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नौशाद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, 1 सितंबर की सुबह करीब 4 बजे आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था. घेराबंदी के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई. इस दौरान नौशाद के पैर में गोली लगी. घायल हालत में उसे जिला अस्पताल भेजा गया है.
31 अगस्त को हुआ था भीषण धमाका
मामला कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र के महमतपुर मनौरी गांव का है. यहां 31 अगस्त को पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार धमाका हुआ था. विस्फोट इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री की इमारत पूरी तरह नष्ट हो गई. आसपास के कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा. हादसे में 11 लोगों की मौत हुई, जिनमें आठ बच्चे शामिल हैं. कई लोग घायल भी हुए हैं.
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेरा
हादसे के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई थीं. ये टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं. 1 सितंबर की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी नौशाद चरवा थाना क्षेत्र में 13 मील सराय अकील मार्ग से भागने की कोशिश कर रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस और SOG की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दी.
पुलिस का कहना है कि खुद को घिरा देखकर आरोपी ने टीम पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया.
आरोपी के गोदाम पर चला बुलडोजर
हादसे के बाद प्रशासन ने आरोपी नौशाद के पटाखा गोदाम पर भी कार्रवाई की. घटनास्थल से करीब 400 मीटर दूर स्थित गोदाम को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया गया. प्रशासन के मुताबिक, नौशाद ने घटनास्थल के पास ही पटाखों का गोदाम बना रखा था. जिलाधिकारी ने आरोपी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कही है.
2024 में रद्द हो चुका था फैक्ट्री का लाइसेंस
इस मामले में एक बड़ा सवाल फैक्ट्री के लाइसेंस को लेकर भी खड़ा हुआ है. अधिकारियों के मुताबिक, पटाखा फैक्ट्री का लाइसेंस 2024 में ही रद्द हो चुका था, इसके बावजूद वहां गतिविधियां जारी थीं. अब प्रशासन यह जांच कर रहा है कि लाइसेंस रद्द होने के बाद भी फैक्ट्री का संचालन कैसे होता रहा और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई.
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी
हादसे के बाद पुलिस ने फैक्ट्री संचालक समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता और विस्फोटक अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है. बाकी आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं. आरोप में पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई है. थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन या लाइन हाजिर की कार्रवाई की जानकारी सामने आई है.
हादसे में 11 लोगों की मौत
भीषण विस्फोट में 11 लोगों की जान गई, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं. विस्फोट के कारण आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी और राहत-बचाव अभियान चलाया गया.
प्रशासन अब हादसे की पूरी वजह और फैक्ट्री में विस्फोटक सामग्री के भंडारण से जुड़े नियमों की जांच कर रहा है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री के संचालन में कौन-कौन लोग शामिल थे और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया.

