Twisha Sharma Case: गिरिबाला सिंह को जमानत देने वाली कोर्ट में नहीं होगा ट्रायल, अब जज पल्लवी द्विवेदी सुनेंगी केस
भोपाल के ट्विशा शर्मा डेथ केस में ट्रायल अब दशम अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की कोर्ट में होगा। मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह आरोपी हैं।
भोपाल। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में ट्रायल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. जिला अदालत ने इस मामले को दशम अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है. अब पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ चलने वाला ट्रायल, जज पल्लवी द्विवेदी की अदालत में होगा.
खास बात यह है कि इससे पहले गिरिबाला सिंह को इसी कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी. हालांकि बाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी. इसके बाद सीबीआई जांच के दौरान गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी हुई और वे न्यायिक हिरासत में हैं.
12 मई को ससुराल में मृत मिली थीं ट्विशा
ट्विशा शर्मा की शादी 9 दिसंबर को वकील समर्थ सिंह से हुई थी. लेकिन इसके पांच महीने बाद ही 12 मई को ट्विशा का शव भोपाल केबागमुगालिया में उनके ससुराल में मिला था. घटना के बाद ट्विशा के परिजन ससुराल पक्ष परदहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाया था. जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज की थी. बाद में मामले को CBI को सौंप दिया गया है.
गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर आरोप
सीबीआई ने इस मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में दोनों को आरोपी बनाया गया है। दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2), 85, 108 और 3(5) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक मामले में दहेज प्रताड़ना, क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोपों की जांच की गई है। वहीं ट्विशा के परिवार ने सीबीआई की जांच के निष्कर्षों पर असहमति जताते हुए उनकी मौत को हत्या बताया है।
पहले मिल चुकी थी अग्रिम जमानत
मामला दर्ज होने के बाद गिरिबाला सिंह ने भोपाल की जिला अदालत में अग्रिम जमानत की मांग की थी। उन्हें निचली अदालत से राहत मिल गई थी, लेकिन बाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी।
इसके बाद गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया। जुलाई में भोपाल की विशेष अदालत ने उनकी नियमित जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी। अदालत ने मामले में आरोपों की गंभीरता और जांच से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखा था।
अब जज पल्लवी द्विवेदी करेंगी ट्रायल की सुनवाई
जिला अदालत के आदेश के बाद अब मामले की सुनवाई दशम अपर सत्र न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की अदालत में होगी। ट्रायल इसी अदालत में आगे बढ़ेगा।
सीबीआई की ओर से अगस्त में इस मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। ऐसे में अब अदालत में आरोपों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

