16 April 2026: रिमांड पर क्राइम ब्रांच का ASI, पढ़ें इंदौर क्राइम की आज की खबरें
मंदिर दर्शन के बाद युवती से सामूहिक दुष्कर्म। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी की धमकियां, कारोबारियों से करोड़ों की मांग।
कॉल डिटेल बेचने वाला इंदौर क्राइम ब्रांच का ASI रिमांड पर
इंदौर क्राइम ब्रांच में तैनात एएसआई रामपाल को भोपाल एटीएस ने लोगों की जासूसी करने और डेटा बेचने के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि रामपाल अवैध रूप से नागरिकों की कॉल डिटेल और लोकेशन निकालकर निजी जासूसी एजेंसियों को बेचता था। इतना ही नहीं, वह इस डेटा के दम पर लोगों को ब्लैकमेल भी कर रहा था।

जांच में पता चला है कि रामपाल इंदौर डिटेक्टिव सर्विस के संचालक योगेश बेलवाल और भोपाल की कर्मा डिटेक्टिव एजेंसी के अनिकेत पटेल को सीडीआर की कॉपी देता था। ATS ने योगेश बेलवाल और अनिकेत पटेल को भी पकड़ लिया है। वहीं, ATS के इस एक्शन के बाद मुख्य संदिग्ध मुकेश तोमर फरार हो गया,जिसे अरेस्ट करने के प्रयास जारी है।
मंदिर दर्शन के बाद युवती से सामूहिक दुष्कर्म
इंदौर के महू विधानसभा क्षेत्र के बड़गोंदा थाना इलाके से एक गैंगरेप का मामला सामने आया है। जहां मंदिर दर्शन के बाद अपने साथी के साथ गई एक युवती को बदमाशों ने निशाना बनाया। आरोपियों ने पहले युवती के दोस्त के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे मौके से भगा दिया, इसके बाद युवती को जंगल में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। दरअसल यह घटना बड़गोंदा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लगनशाह भैरव बाबा मंदिर के पास की बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक युवक-युवती मंदिर में दर्शन करने के बाद जय जवान जय किसान तालाब के पास से जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान दो अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे और युवक के साथ लाठी-डंडों से मारपीट कर उसे मौके से भगा दिया। इसके बाद आरोपियों ने युवती को जबरन जंगल में ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़गोंदा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान भी कर ली है और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी की धमकियां
इंदौर में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकियों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। तुकोगंज थाना क्षेत्र में पहले एक कारोबारी को हैरी बॉक्सर के नाम से धमकी दी गई थी, वहीं अब दो और मामलों में करोड़ों की फिरौती मांगे जाने से हड़कंप मच गया है। पुलिस और क्राइम ब्रांच इन मामलों की गंभीरता से जांच में जुटी हुई है।

दरअसल, शहर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर कारोबारियों को डराने और उनसे भारी-भरकम रकम मांगने के मामले सामने आ रहे हैं। पहले मामले में एक पेट्रोल पंप संचालक और उसके कारोबारी पार्टनर को हैरी बॉक्सर के नाम से 10 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की गई है। वहीं दूसरे मामले में कारोबारी विवेक दम्मानी को भी करीब 5 करोड़ रुपए की फिरौती की धमकी मिली है। इन दोनों ही मामलों के सामने आने के बाद इंदौर पुलिस और क्राइम ब्रांच अलर्ट मोड पर है और आरोपियों की तलाश के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरे मामले में पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि दोनों प्रकरणों की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या इंटरनेट के जरिए एक किसी भी तरह के झांसे में आकर ऐसे आपराधिक कृत्यों में शामिल न हों, क्योंकि इससे उनका भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो सकता है।
दुष्कर्म पीड़िता ने जहरीला पदार्थ खाकर की आत्महत्या
इंदौर में दुष्कर्म की शिकार एक महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पीड़िता के साथ उसके पति के रिश्तेदार ने ही दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। इस पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है, हालांकि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

दरअसल यह पूरा मामला खुड़ैल थाना क्षेत्र का है, जहां एक महिला ने 8 अप्रैल को जहरीली वस्तु खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता ने अपने पति के एक रिश्तेदार पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। घटना से आहत होकर उसने यह कदम उठाया।
खास बात यह है कि आत्महत्या से पहले पीड़िता ने एक वीडियो भी बनाया था, जिसे अब पुलिस ने जांच में शामिल कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
121 ग्राम MD ड्रग्स के साथ मंदसौर का एक आरोपी गिरफ्तार
इंदौर क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए करीब 12 लाख रुपये मूल्य की 121 ग्राम अवैध मादक पदार्थ "एमडी" (MD) ड्रग्स के साथ मंदसौर के एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
दरअसल, क्राइम ब्रांच टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि टिगरिया बादशाह रोड पर टीसीएस चौराहे से पहले, आम वाला रोड क्षेत्र में शैलेंद्र चौहान (निवासी नाहरगढ़, सीतामऊ, मंदसौर) नामक व्यक्ति बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स की डिलीवरी करने आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर संदिग्ध की तलाशी ली, जिसमें उसके पास से 121 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। जब्त ड्रग्स की कीमत लगभग 12 लाख रुपये बताई जा रही है।

पूछताछ में आरोपी शैलेंद्र चौहान ने बताया कि वह मंदसौर से सस्ते दामों में एमडी ड्रग्स लाकर इंदौर में महंगे दामों पर बेचने के इरादे से आता था। वह बस से इंदौर पहुंचकर बस स्टैंड से कुछ दूरी पहले ही उतर जाता था और वहां से पैदल जाकर ड्रग्स की डिलीवरी करता था, ताकि पुलिस को उस पर शक न हो। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि वह इंदौर में यह ड्रग्स किसे सप्लाई करने आया था।
ड्यूटी के दौरान बस संचालक और ट्रैफिक अधिकारी के बीच विवाद
इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में ट्रैफिक ड्यूटी के दौरान बस संचालक और ट्रैफिक अधिकारी के बीच विवाद का मामला सामने आया है। रोबोट चौराहे पर हुई इस घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, बीती रात करीब 10 बजे रोबोट चौराहे पर एक बस के खड़े होने से जाम की स्थिति बन गई थी। मौके पर ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक एसआई सुरेंद्र सिंह ने बस संचालक सुनील चौहान को वाहन हटाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि सुनील चौहान और उसके भतीजे यशराज ने ट्रैफिक अधिकारी के साथ अभद्रता करते हुए उनकी कॉलर पकड़ ली। घटना की सूचना मिलते ही खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर एसआई की शिकायत पर शासकीय कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
मजदूर की संदिग्ध मौत, घर में मिला शव, चूहों ने कुतरा
इंदौर में एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। हैरानी की बात ये रही कि इस घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब गली में खेल रहे बच्चे गेंद लेने उसके घर के अंदर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामला चंदन नगर थाना क्षेत्र का है, जहां रहने वाले छगन नाम के व्यक्ति का शव उसके ही घर में संदिग्ध हालात में मिला। बताया जा रहा है कि शाम के समय कुछ बच्चे गली में क्रिकेट खेल रहे थे, इसी दौरान उनकी गेंद छगन के घर के अंदर चली गई। जब बच्चे गेंद लेने घर के भीतर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि छगन का शव अंदर पड़ा हुआ है। शव की हालत बेहद खराब थी और उसे चूहों द्वारा कुतरा गया था, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को भी सूचना दी, लेकिन काफी देर तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और मौत के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
उज्जैन के एक लिस्टेड बदमाश सहित चार आरोपी गिरफ्तार
इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में 12 अप्रैल 2026 की रात हुई हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए उज्जैन के एक लिस्टेड बदमाश सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह सनसनीखेज वारदात अवैध प्रेम संबंध और आपसी रंजिश के चलते अंजाम दी गई थी। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल, देशी पिस्टल और कारतूस भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस के अनुसार, 12 अप्रैल की रात थाना राऊ को सूचना मिली कि नखराली ढाणी, केट रोड के सामने एक व्यक्ति घायल अवस्था में पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल की पहचान नवीन पाटीदार राऊ के रूप में की।
प्रारंभ में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई, लेकिन घटनास्थल से खाली कारतूस मिलने और आसपास के CCTV फुटेज खंगालने पर मामला हत्या का निकला। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विशेष टीम गठित की। टीम ने 100 से अधिक CCTV फुटेज का विश्लेषण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध बिना नंबर की, मोटरसाइकिल की पहचान की। मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्लेमर हिल्स कॉलोनी, राऊ में घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मुकेश कुमावत (उज्जैन), अजय धोलपुरिया और श्रीराम बलाई (दोनों जिला देवास) शामिल हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि मृतक की पत्नी से अवैध संबंध और पुरानी रंजिश के चलते उन्होंने हत्या की साजिश रची थी। जांच में यह भी सामने आया कि इस मामले में राहुल उईके, निवासी उज्जैन, अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। वहीं मृतक की पत्नी भारती को भी साजिश में शामिल पाया गया है, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी मुकेश कुमावत के खिलाफ पहले से हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार और मारपीट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों का भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
Varsha Shrivastava 
