कार्तिक का बड़ा दावा! गंभीर और आगरकर के बीच सबकुछ ठीक नहीं, क्या इसी वजह से टी20 में लड़खड़ा रही टीम इंडिया?
टी20 में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन पर दिनेश कार्तिक का बड़ा दावा। कार्तिक ने कहा कि गौतम गंभीर और अजीत आगरकर के बीच सोच का अंतर टीम इंडिया के प्रदर्शन पर असर डाल रहा है.
Dinesh Karthik on Gautam Gambhir: भारतीय क्रिकेट टीम के लगातार खराब प्रदर्शन के बीच पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने एक बड़ा दावा किया है. कार्तिक का मानना है कि टीम इंडिया के मौजूदा हालात की एक बड़ी वजह हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत आगरकर के बीच सोच का अंतर हो सकता है. उनके मुताबिक दोनों टीम चयन और भविष्य की रणनीति को लेकर एक ही पेज पर नजर नहीं आ रहे हैं, जिसका असर खिलाड़ियों और टीम के प्रदर्शन पर साफ दिखाई दे रहा है.
गंभीर और आगरकर के बीच अलग-अलग सोच?
दिनेश कार्तिक का कहना है कि आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में टीम चयन जिस तरह बदला गया, उससे यह साफ संकेत मिले हैं, कि टीम मैनेजमेंट और चयन समिति की सोच पूरी तरह मेल नहीं खा रही.
कार्तिक के मुताबिक, आयरलैंड सीरीज में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका नहीं दिया गया. उस समय गौतम गंभीर ने कहा था कि वह अपनी टी20 विश्व कप विजेता टीम पर भरोसा जताना चाहते हैं. लेकिन, इंग्लैंड सीरीज में संजू सैमसन के लगातार फ्लॉप होने के बाद वैभव को मौका मिला और फिर अगले ही मैच में उन्हें बाहर कर दिया गया. इस तरह के लगातार बदलाव खिलाड़ियों के आत्मविश्वास पर असर डालते हैं.
'अगरकर भविष्य देख रहे, गंभीर वर्तमान'
कार्तिक का मानना है कि अजीत आगरकर की प्राथमिकता भविष्य की टीम तैयार करना है. वह युवा खिलाड़ियों को लगातार मौके देकर उन्हें लंबी रेस का खिलाड़ी बनाना चाहते हैं. दूसरी ओर, गौतम गंभीर के लिए हर मैच और हर सीरीज जीतना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. ऐसे में अगर कोई खिलाड़ी तुरंत प्रदर्शन नहीं करता तो टीम संयोजन बदल जाता है. कार्तिक के मुताबिक, यही सोच का अंतर टीम के भीतर असमंजस पैदा कर रहा है.
खिलाड़ियों पर पड़ रहा है असर
पूर्व भारतीय विकेटकीपर का कहना है कि भारत के पास बेहतरीन बेंच स्ट्रेंथ है, लेकिन यही अब खिलाड़ियों के लिए दबाव भी बन रही है. हर खिलाड़ी को यह डर बना रहता है कि अगर दो-तीन मैच खराब गए तो उसकी जगह कोई दूसरा खिलाड़ी ले लेगा. ऐसी मानसिकता में खिलाड़ी खुलकर प्रदर्शन नहीं कर पाते और टीम का माहौल भी प्रभावित होता है.
लगातार गिर रहा है प्रदर्शन
गौतम गंभीर के कोच बनने के बाद शुरुआती टी20 चक्र में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया था. टीम ने लगातार सीरीज जीतीं और टी20 विश्व कप 2026 का खिताब भी अपने नाम किया. लेकिन इसके बाद टीम में बड़े बदलाव हुए. श्रेयस अय्यर को टी20 टीम की कप्तानी सौंपी गई और नए संयोजन के साथ शुरुआत हुई. हालांकि नई टीम की पहली ही परीक्षा आयरलैंड दौरे पर हुई, जहां भारत को क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में भी टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी.
टीम इंडिया को जल्द निकालना होगा समाधान
दिनेश कार्तिक का मानना है कि भारत के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन टीम मैनेजमेंट और चयन समिति की रणनीति में स्पष्टता होना जरूरी है. अगर खिलाड़ियों को लगातार बदलने का सिलसिला जारी रहा और ड्रेसिंग रूम में एक जैसी सोच नहीं बनी, तो इसका असर आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में भी देखने को मिल सकता है.

