'बलराम कृषि महोत्सव-2026' का शुभारंभ, इंदौर से किसानों को CM की बड़ी सौगात

दिन में बिजली, नई मंडी और फूड प्रोसेसिंग को मिलेगा बढ़ावा, किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

'बलराम कृषि महोत्सव-2026' का शुभारंभ, इंदौर से किसानों को CM की बड़ी सौगात

इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर की लक्ष्मीबाई अनाज मंडी में आयोजित 'बलराम कृषि महोत्सव-2026' का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उन्होंने भगवान बलराम के चित्र का अनावरण किया, हल पूजा की, कृषि पताका लहराई, साथ ही मेधावी विद्यार्थियों, प्रगतिशील किसानों और कृषि मित्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 'किसान कल्याण वर्ष' के अंतर्गत 16 विभागों को जोड़कर किसानों के समग्र विकास की कार्ययोजना बनाई गई है। यह महोत्सव नवंबर तक पूरे प्रदेश में आयोजित होगा और इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है।

दिन में बिजली और सिंचाई पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को दिन में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने और सिंचाई का दायरा लगातार बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए बिजली, सिंचाई और आधुनिक तकनीकों का विस्तार बेहद आवश्यक है।

सरकार प्राकृतिक और जैविक खेती को भी प्रोत्साहित कर रही है ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को बेहतर उत्पादन मिल सके। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं और किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कृषि ऋण व्यवस्था में होगा बदलाव

मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए अल्पकालीन कृषि ऋण व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसानों को हर छह महीने में ऋण का भुगतान करना पड़ता है, जिससे कई बार वे डिफॉल्टर की श्रेणी में आ जाते हैं। अब सरकार ऐसी व्यवस्था पर काम कर रही है, जिसमें किसानों को वर्ष में केवल एक बार भुगतान करना होगा। इससे किसानों पर आर्थिक दबाव कम होगा और उन्हें खेती के लिए बेहतर वित्तीय प्रबंधन का अवसर मिलेगा।

नई अनाज मंडी और रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इंदौर की लक्ष्मीबाई अनाज मंडी को शहर से बाहर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए स्थान पर विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और यातायात को देखते हुए किसानों के लिए अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित मंडी की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने विधायक मधु वर्मा के प्रस्ताव पर मंडी परिसर में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा भी की। साथ ही मंडी क्षेत्र से विस्थापित होने वाले करीब 50 परिवारों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

फूड प्रोसेसिंग, डेयरी और मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग उद्योगों का विस्तार किया जा रहा है, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। इसके साथ ही दूध उत्पादन, मत्स्य पालन, फल एवं सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कृषि को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि मूल्य संवर्धन और कृषि आधारित उद्योगों के माध्यम से किसानों की आय के नए स्रोत विकसित किए जाएंगे।

फसलों की सुरक्षा और बेहतर मुआवजे का भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान को रोकने के लिए सरकार विशेष अभियान चलाएगी। उन्होंने नीलगायों की समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें गांधी सागर क्षेत्र में स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसानों की फसलें सुरक्षित रह सकें। उन्होंने यह भी घोषणा की कि विकास परियोजनाओं के लिए भूमि देने वाले किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना तक मुआवजा दिया जाएगा, जिससे किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।

किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य खेती को लाभकारी बनाना, किसानों की लागत कम करना और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सिंचाई, बिजली, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत कर कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी जाएगी।

उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार हर स्तर पर किसानों के साथ खड़ी है। बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से प्रदेशभर में कृषि नवाचार, किसान कल्याण योजनाओं और आधुनिक खेती की जानकारी किसानों तक पहुंचाई जाएगी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार की नई योजनाओं, आधुनिक कृषि सुविधाओं और किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से मध्य प्रदेश कृषि विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।