भोपाल के रवींद्र भवन में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम का भव्य आयोजन, CM मोहन बोले- महिला सशक्तिकरण के बिना अधूरी है विकास की कल्पना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविंद्र भवन में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम - प्रबुद्ध जन सम्मेलन में 10वीं और 12वीं बोर्ड की टॉपर बालिकाओं को सम्मानित किया।
भोपाल के रवींद्र भवन में मंगलवार को महिला सशक्तिकरण को समर्पित “नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम - प्रबुद्ध जन सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने 10वीं और 12वीं बोर्ड की टॉपर छात्राओं को श्रीफल और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
महिला सशक्तिकरण के बिना अधूरी है विकास की कल्पना- CM
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, सामाजिक भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के विकास की कल्पना तब तक अधूरी है जब तक समाज की आधी आबादी को समान अवसर और सम्मान नहीं मिलता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लिए गए निर्णय देश को नई दिशा दे रहे हैं और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत कर रहे हैं।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को महिला सम्मान और सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक कानून नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का प्रतीक है, जो महिलाओं को राजनीति और नीति निर्माण में अधिक भागीदारी दिलाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
मंत्री कृष्णा गौर ने महिला प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए
कार्यक्रम में मंत्री कृष्णा गौर ने महिला प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान में लोकसभा में लगभग 14 प्रतिशत और मध्य प्रदेश विधानसभा में केवल 11 प्रतिशत महिलाएं ही प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम इस असंतुलन को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आने वाले समय में महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया की मुख्य भागीदार बनेंगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने विभाग की उपलब्धियां साझा करते हुए बताया कि प्रदेश की 12 हजार मिनी आंगनवाड़ियों को पूर्ण आंगनवाड़ियों में परिवर्तित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम हुई हैं और चयन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष बनी है।
ग्वालियर अंचल की राजमाता विजयाराजे सिंधिया के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए ग्वालियर अंचल की राजमाता विजयाराजे सिंधिया के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अपने साहस से अंग्रेजी सत्ता को चुनौती दी थी, उसी तरह राजमाता सिंधिया ने भी अन्याय के खिलाफ खड़े होकर जनता की आवाज को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं का इतिहास केवल घर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने राजनीति और समाज दोनों में निर्णायक भूमिका निभाई है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाला समय महिला नेतृत्व का होगा और भारत वैश्विक मंच पर महिलाओं के नेतृत्व में नई पहचान बनाएगा। उन्होंने यह उल्लेख भी किया कि देश में किए जा रहे सुधार, जैसे सामाजिक और कानूनी बदलाव, महिलाओं को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
सम्मेलन में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी एक स्वर में महिला आरक्षण और सशक्तिकरण के प्रयासों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम राजनीति में लैंगिक समानता स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकती है
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्राओं को सम्मानित करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकती हैं। उन्होंने छात्राओं से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

इस भव्य आयोजन में कई मंत्री, विधायक, महापौर, सांसद और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता का संदेश प्रमुख रूप से दिखाई दिया। उपस्थित सभी लोगों ने महिला आरक्षण को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समर्थन देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
Varsha Shrivastava 
