दर्द, संघर्ष और यादें: Hiroshima मॉडल पर बनेगा भोपाल गैस त्रासदी स्मारक
मध्य प्रदेश सरकार भोपाल गैस त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में एक भव्य स्मारक बनाने जा रही है।
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल में हुई 1984 की गैस त्रासदी में जान गंवाने वाले हजारों लोगों की याद में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर में एक भव्य स्मारक बनाने की योजना बनाई है. यह स्मारक हिरोशिमा और नागासाकी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, ताकि त्रासदी की भयावहता और उससे मिली सीख को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके.
स्मारक बताएगा भोपाल त्रासदी की कहानी
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को कहा कि हाईकोर्ट के मार्गदर्शन में अब पूरी तरह साफ हो चुके कारखाने परिसर में यह स्मारक बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह स्मारक न सिर्फ उन लोगों को श्रद्धांजलि देगा जिन्होंने अपनी जान गंवाई, बल्कि यह भी दिखाएगा कि भोपाल ने इस त्रासदी के बाद खुद को कैसे संभाला और एक आधुनिक शहर के रूप में आगे बढ़ा. 2-3 दिसंबर 1984 की रात Union Carbide प्लांट से रिसी मिथाइल आइसोसाइनेट गैस ने हजारों लोगों की जान ले ली थी. चार दशक से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी भोपाल आज तक इस हादसे के स्वास्थ्य, पर्यावरण और कानूनी असर झेल रहा है.
90 एकड़ में बनेगा यादों का संग्रह
प्रस्तावित स्मारक करीब 90 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा. इसमें गैस त्रासदी की भयावहता को महसूस कराने वाले सेक्शन, पीड़ितों के नामों की दीवार, हादसे का पूरा दस्तावेजी इतिहास दिखाने वाला म्यूजियम, मूल फैक्ट्री ढांचे और कलाकृतियां, औद्योगिक आपदा रोकथाम पर केंद्रित एक विशेष संस्थान शामिल होंगे. इस परियोजना की लागत 1200 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है. मास्टर प्लान एक समिति और विशेषज्ञ एजेंसी की मदद से तैयार किया जाएगा.
shivendra 
