भोपाल में 101 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित, CM मोहन यादव बोले- जवानों के आवास की होगी व्यवस्था

भोपाल के रविंद्र भवन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 101 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को केएफ रुस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित किया। 2026 में 10 हजार पुलिस भर्ती का भी ऐलान।

भोपाल में 101 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित, CM मोहन यादव बोले- जवानों के आवास की होगी व्यवस्था

भोपाल। राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में एक समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 101 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को केएफ रुस्तमजी पुलिस पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान वर्ष 2019-20 और 2021-22 के दौरान उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले पुलिसकर्मियों को प्रदान किया गया।

समारोह में मुख्यमंत्री के साथ डीजीपी कैलाश मकवाना भी मौजूद रहे। मंच पर एडीजी चंचल शेखर और आदर्श कटियार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सम्मानित पुलिस अधिकारियों और जवानों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

पुलिस जवानों को आवास दिलाने की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिस जवानों के लिए आवास व्यवस्था मजबूत करने पर सरकार काम करेगी। उन्होंने कहा कि जहां जवान पात्र होंगे, वहां हाउसिंग बोर्ड और विकास प्राधिकरणों से चर्चा कर उन्हें आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

सीएम ने कहा कि पुलिसकर्मियों की चिंता करना सरकार की जिम्मेदारी है और उनके हितों को प्राथमिकता दी जाएगी।

2013 से शुरू हुआ केएफ रुस्तमजी पुरस्कार

डीजीपी कैलाश मकवाना ने बताया कि केएफ रुस्तमजी पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2013 में हुई थी। अब तक कुल 418 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है। पुरस्कार दस्यु उन्मूलन, नक्सल विरोधी अभियान, दंगा नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और वीरता व पेशेवर दक्षता के लिए दिए जाते हैं।

तीन श्रेणियों में दिए गए पुरस्कार

समारोह में तीन श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए गए—

  • परम विशिष्ट श्रेणी : 7 अधिकारियों को 5 लाख रुपए या हथियार देकर सम्मानित किया गया।
  • अति विशिष्ट श्रेणी : 8 अधिकारियों को 2 लाख रुपए या हथियार प्रदान किए गए।
  • विशिष्ट श्रेणी : 86 अधिकारियों को 50 हजार रुपए की सम्मान राशि दी गई।

हर साल दिए जाएंगे पुरस्कार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दो वर्षों के पुरस्कार एक साथ दिए जाते थे, लेकिन अब सरकार कोशिश करेगी कि हर वर्ष समय पर सम्मान प्रदान किए जाएं। उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद पुरस्कार मिले, जबकि सम्मान सेवा काल में मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने डकैतों और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटकर देशभर में उदाहरण पेश किया है।

2026 में पुलिस विभाग में होगी 10 हजार भर्ती

सीएम मोहन यादव ने घोषणा की कि वर्ष 2026 में पुलिस विभाग में 10 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। इसमें सब इंस्पेक्टर सहित अन्य पद शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए पुलिस बल को मजबूत करना जरूरी है।

प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने का दावा

डीजीपी कैलाश मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने दावा किया कि 11 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश को नक्सल मुक्त घोषित किया गया। इसके अलावा डायल-112 सेवा को मजबूत किया गया और पुलिस बल की कमी दूर करने के लिए हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।

साइबर क्राइम और ड्रग्स के खिलाफ अभियान

डीजीपी ने बताया कि प्रदेश को अगले तीन वर्षों में नारकोटिक्स और ड्रग्स मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं साइबर अपराधों से निपटने के लिए ई-जीरो एफआईआर जैसी व्यवस्था लागू की गई है। पुलिसकर्मियों के तनाव प्रबंधन के लिए हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के साथ एमओयू भी किया गया है।