रीवा कलेक्टर ने तहसीलदारों को किया टाइट, रीडर और सहायक वर्ग-3 को सस्पेंड किया

रीवा में जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए कर्मचारियों को सस्पेंड किया और तहसीलदारों को फटकार लगाई। लोगों की समस्याएं सुनकर जल्द समाधान के निर्देश दिए गए।

रीवा कलेक्टर ने तहसीलदारों को किया टाइट, रीडर और सहायक वर्ग-3 को सस्पेंड किया
पब्लिकवाणी

जिले में कुछ दिन पहले ही पदभार संभालने वाले कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने आते ही अधिकारियों को टाइट करना शुरू कर दिया है। जनसुनवाई में मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर सीधे कार्रवाई कर रहे हैं और तहसील स्तर के अधिकारियों को साफ संदेश दे दिया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

मंगलवार को कलेक्ट्रेट में हुई जनसुनवाई के दौरान लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा केंद्र के लिपिक वंशमणि मिश्रा (सहायक वर्ग-3) और सेमरिया तहसील के रीडर प्रशांत तिवारी को तुरंत सस्पेंड करने के निर्देश दे दिए। साथ ही डीपीसी के खिलाफ भी जांच शुरू करने को कहा।

इसी दौरान हुजूर तहसील के तहसीलदार और नायब तहसीलदार (गोविंदगढ़ सर्किल) को भी जनसुनवाई में तलब कर कड़ी फटकार लगाई गई। कलेक्टर की इस कार्रवाई के बाद कलेक्ट्रेट और विभागों में हड़कंप मच गया।

पेंशन मामले में भी सख्ती

जनसुनवाई में फरियादी जितेंद्र सिंह ने शिकायत की कि भविष्य निधि की राशि खाते में जमा नहीं होने के कारण उनकी पेंशन लंबे समय से रुकी हुई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में वे पांच बार आवेदन दे चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर कलेक्टर ने जिला शिक्षा केंद्र की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और संबंधित बाबू को निलंबित करने के साथ डीपीसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

हैंडपंप कब्जे के मामले में फटकार

एक अन्य शिकायत में गोविंदगढ़ के कनौजा निवासी राम शिरोमणि मिश्रा ने बताया कि गांव का सरकारी हैंडपंप कुछ लोगों ने अपने घर के अंदर कर लिया है, जिससे पूरे गांव को पानी के लिए परेशानी हो रही है। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार को फटकार लगाते हुए साफ निर्देश दिया कि शाम तक हैंडपंप को कब्जे से मुक्त कराया जाए, नहीं तो सस्पेंशन की कार्रवाई होगी।

कई अधिकारियों को नोटिस

जनसुनवाई में मिली शिकायतों को देखते हुए कलेक्टर ने चाकघाट के सीएमओ और त्योंथर तहसीलदार सहित कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय काम में लापरवाही गंभीर मामला है और तीन दिन के अंदर जवाब देना होगा।

283 लोगों ने रखी समस्या

मंगलवार को कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में हुई जनसुनवाई में दूर-दराज से आए करीब 283 लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। कलेक्टर के साथ जिला पंचायत सीईओ और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे और लोगों की शिकायतें सुनीं।