मध्यप्रदेश बना देश का पहला राज्य:आंगनवाड़ी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए योजनाओं, ऑनलाइन पारदर्शिता और भविष्य की कार्ययोजना में सुधार व सख्त निगरानी के निर्देश दिए।
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में महिला बाल विकास विभाग की गहन समीक्षा की और लाड़ली लक्ष्मी योजना की बेटियों के ड्राप आउट पर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने ड्राप आउट रोकने और सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी तीन वर्षों की कई कार्य योजनाओं पर जोर दिया।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन
मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन पारदर्शी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है और टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त हुई है। स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 20,243 बच्चों को लाभ मिला, झाबुआ के ‘मोटी आई’ नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और PM जनमन भवनों की डिज़ाइन व मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना मिली।

आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना
भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल और 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था लागू की गई है। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना में शहरी आंगनवाड़ियों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन, शाला पूर्व शिक्षा में निवेश, लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार, 9,000 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण और HEW के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियाँ शामिल हैं।
सामग्री टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता
महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ से अधिक सहायता, लाड़ली बहना योजना के तहत 36,778 करोड़ का अंतरण, महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटरों द्वारा 1.72 लाख महिलाओं को सहायता, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत पौधारोपण, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण, आंगनवाड़ी केंद्रों का बड़े पैमाने पर उन्नयन और सामग्री टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं, जिसमें गड़बड़ी होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने के निर्देश दिए गए हैं।
sanjay patidar 
