देवास के टोंककला बारूद फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, कई मजदूरों की मौत की खबर

देवास के टोंककला क्षेत्र स्थित बारूद फैक्ट्री में भीषण विस्फोट होने से 6 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका है, जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं।

देवास के टोंककला बारूद फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, कई मजदूरों की मौत की खबर
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देवास के टोंककला स्थित बारूद फैक्ट्री में भीषण विस्फोट की खबर सामने आई है। धमाके में 6 से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। कई मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। धमाके के समय फैक्ट्री के अंदर 25 से ज्यादा मजदूर मौजूद थे। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबे में फंसे लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है। फैक्ट्री में ब्लास्ट कैसे हुआ, इसकी कोई जानकारी अभी सामने नहीं आई है। देवास से करीब 17 किलोमीटर दूर टोंककला क्षेत्र में हुए इस हादसे से इलाके में दहशत का माहौल है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकानों की दीवारें हिल गईं। विस्फोट के बाद सड़क पर मांस के चिथड़े और शरीर के टुकड़े बिखर गए और अचानक भगदड़ और अफ़रा-तफ़री मच गई।

भीषण हादसे की वीडियो सामने आई

घटना के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें फैक्ट्री से धुआं निकलता दिखाई दे रहा है। मौके से सामने आए वीडियो बेहद भयावह हैं, जिनमें लोग जान बचाकर भागते नज़र आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो फैक्ट्री में खुले में बारूद पड़े होने की बात सामने आई है।

सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए देवास जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग गई है और सभी का इलाज जारी है।

फैक्ट्री पर लापरवाही के आरोप 

ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री में खुलेआम बारूद रखकर पटाखे बनाने का काम होता था, जिसे लेकर कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही थी और लापरवाही से काम किया जा रहा था।

इस बीच ग्रामीणों ने फैक्ट्री के मालिक अनिल मालवीय पर आरोप लगाया कि फैक्ट्री को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। फैक्ट्री की लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में पहले से ही आक्रोश था, लेकिन इस हादसे के बाद विरोध और बढ़ गया है।