शिवराज–योगी की हाई लेवल मीटिंग: UP में MSP खरीद 8 जुलाई तक बढ़ी, 6.18 लाख ग्रामीण आवासों को मंजूरी
उत्तर प्रदेश को कृषि और ग्रामीण विकास का मॉडल बनाने की तैयारी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने सीएम योगी को सौंपे दो बड़े पत्र
लखनऊ। उत्तर प्रदेश को कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में देश का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में बुधवार को राजधानी लखनऊ के योजना भवन में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में हुई इस हाई लेवल बैठक में किसानों, ग्रामीण आवास और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को दो महत्वपूर्ण पत्र सौंपे, जिनमें रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए एमएसपी खरीद अवधि बढ़ाने और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 6.18 लाख से अधिक पक्के मकानों की स्वीकृति शामिल है।
किसानों को राहत, MSP खरीद 8 जुलाई तक बढ़ी
बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वह स्वीकृति पत्र सौंपा, जिसके तहत गेहूं, चना और मसूर जैसी रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की अवधि 8 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी गई है। पहले यह अवधि 24 जून तक निर्धारित थी। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मौसम संबंधी परिस्थितियों, मंडियों में भीड़ और फसल की तुलाई में देरी जैसी व्यावहारिक समस्याओं के कारण कई किसान समय पर अपनी उपज नहीं बेच पाते हैं। खरीद अवधि बढ़ने से लाखों किसानों को राहत मिलेगी और उन्हें अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी नहीं होगी।
यूपी के लिए तैयार होगा वैज्ञानिक कृषि रोडमैप
बैठक में उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने पर भी जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का लगभग 38 प्रतिशत गेहूं उत्पादन करता है और भारत की खाद्य सुरक्षा में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में राज्य के लिए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और भूजल स्तर में गिरावट जैसी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए फसल पैटर्न, सिंचाई, जल संरक्षण, उन्नत बीज, कृषि तकनीक और विपणन व्यवस्था को एकीकृत कर नई रणनीति बनाई जाएगी। इस रोडमैप के प्रारूप पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
अल नीनो, कम बारिश की चुनौती से निपटने की तैयारी
बैठक में इस वर्ष संभावित अल नीनो प्रभाव और कम वर्षा की आशंका पर भी चर्चा हुई। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी परिस्थिति में खेत खाली न रहें और किसानों की आय प्रभावित न हो।

इसके लिए जिलेवार कंटिंजेंसी प्लान तैयार किए जाएंगे। कम पानी में तैयार होने वाली और कम अवधि वाली फसलों को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई जा रही है। विभिन्न जिलों की मिट्टी, जल उपलब्धता और कृषि परिस्थितियों के अनुसार वैकल्पिक फसलों की सूची तैयार की जाएगी। कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विभाग के माध्यम से किसानों तक समय पर सलाह, बीज और तकनीकी सहायता पहुंचाई जाएगी।
उत्तर प्रदेश को मिले 6.18 लाख ग्रामीण आवास
ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के नए चरण के तहत राज्य के लिए 6,18,482 पक्के मकानों की स्वीकृति का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक देशभर में दो करोड़ अतिरिक्त पक्के मकान बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश को 6.18 लाख से अधिक आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे राज्य के लाखों गरीब परिवारों को स्थायी और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।
सर्वे पूरा, अब आवास वितरण पर फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों की पहचान का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। ऐसे परिवारों को चिन्हित किया गया है जो अभी भी कच्चे मकानों में रह रहे हैं और पक्के घर के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकार का ध्यान पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराने पर है। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।

केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त विजन
बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, राजस्व राज्य मंत्री सुरेंद्र दिलेर और केंद्र सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति और जमीनी स्थिति पर प्रस्तुतीकरण भी दिया।
बैठक के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि किसान समृद्ध हो, खेती मजबूत हो और कोई भी गरीब परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। एमएसपी खरीद अवधि बढ़ाने और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़ी संख्या में मकानों की स्वीकृति इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों से राज्य कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल के रूप में उभरेगा।
Varsha Shrivastava 
