फिर बिखरी शिवसेना (UBT), संजय राउत ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान दी गाली, बागी गुट के सांसदों को खूब सुनाया
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के 9 में से 6 सांसदों के बगावत करने की खबर है. संजय राउत ने बागी सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
भारतीय राजनीति में नेताओं से हमेशा संयमित भाषा और मर्यादित व्यवहार की उम्मीद की जाती है. लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति से सामने आए एक वीडियो ने नई बहस छेड़ दी है. शिवसेना (UBT) के सीनियर नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इतने नाराज दिखे कि उन्होंने कैमरे के सामने ही बागी सांसदों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर दिया.
दिलचस्प बात यह रही कि बयान देने के बाद उन्होंने पत्रकारों से यह भी कहा कि उनके शब्दों को बीप न किया जाए. अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनके इस बयान पर खुब चर्चा कर रहे हैं.

बागी सांसदों पर फूटा गुस्सा
दिल्ली में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने अपनी ही पार्टी के उन सांसदों पर निशाना साधा, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वे उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ सकते हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि राउत काफी गुस्से में नजर आ रहे हैं. वहीं उनके बगल में बैठे शिवसेना (UBT) के नेता अरविंद सावंत मुस्कुराते दिखाई देते हैं. बाद में अनिल देसाई ने राउत का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने गाली नहीं दी, बल्कि आम बोलचाल के शब्दों का इस्तेमाल किया है.
सांसदों को दी खुली चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने कथित बागी सांसदों को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि कई सांसदों ने साईं बाबा, मां भवानी और अपने परिवार की कसम खाकर पार्टी नहीं छोड़ने का भरोसा दिया था. राउत ने कहा कि अगर इसके बावजूद कोई नेता शिवसेना छोड़कर जाता है तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा.
आखिर क्यों भड़के हुए हैं संजय राउत?
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चा जोरों पर है. आरोप लगाए जा रहे हैं कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को कमजोर करने और उसके सांसदों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है. संजय राउत का दावा है कि उनकी पार्टी के सांसदों को पाला बदलने के लिए करोड़ों के ऑफर दिए गए हैं. उनका कहना है कि कुछ सांसदों को राजनीतिक और आर्थिक फायदे का लालच देकर दूसरी तरफ ले जाने की कोशिश हो रही है.
9 में से 6 सांसदों ने दिखाए बगावती तेवर
इसी बीच खबर आई है कि शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर खुद को अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पत्र लिखने वालों में संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल शामिल हैं. वहीं तीन सांसद अभी भी उद्धव ठाकरे के साथ खड़े बताए जा रहे हैं.
लोकसभा स्पीकर से भी मिले राउत
इस सियासी उठापटक के बीच संजय राउत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की. मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि स्पीकर ने भरोसा दिलाया है कि इस पूरे मामले में कानून, नियम और संवैधानिक प्रावधानों के तहत ही फैसला लिया जाएगा. अब महाराष्ट्र की राजनीति में सबकी नजर इस बात पर है कि बागी सांसद आगे क्या कदम उठाते हैं और लोकसभा स्पीकर इस मामले में क्या फैसला सुनाते हैं.

