सिंगरौली ने रचा इतिहास: खनिज राजस्व वसूली में बनाया नया रिकॉर्ड, प्रदेश में नंबर-1
मध्य प्रदेश का सिंगरौली जिला खनिज राजस्व वसूली में नया रिकॉर्ड बनाते हुए प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंच गया है. वित्तीय वर्ष 2025–26 में जिले ने 96% से अधिक लक्ष्य हासिल कर बड़ी उपलब्धि दर्ज की है.
सिंगरौली: मध्य प्रदेश का सिंगरौली जिला एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार जिले ने खनिज राजस्व वसूली में नया इतिहास रचते हुए प्रदेश में शीर्ष स्थान हासिल किया है. कलेक्टर गौरव बेनल के मार्गदर्शन और खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल के निर्देशन में खनिज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में शानदार प्रदर्शन किया है. जिले ने 30 मार्च 2026 तक निर्धारित 4833 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 4681.05 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है, जो कुल लक्ष्य का 96.86 प्रतिशत है.
खास बात यह है कि यह वसूली पिछले वर्ष की तुलना में 600.96 करोड़ रुपये अधिक है, जो जिले की लगातार बेहतर होती कार्यप्रणाली को दर्शाता है. वहीं कर वसूली के क्षेत्र में भी सिंगरौली ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. 970 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 946.80 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जो 97.61 प्रतिशत है. यह आंकड़ा पिछले वर्ष से 69.59 करोड़ रुपये ज्यादा है. अवैध खनन के खिलाफ भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. जिला स्तरीय टास्क फोर्स ने पूरे वर्ष अभियान चलाते हुए 289 प्रकरण दर्ज किए और 2.20 करोड़ रुपये की वसूली की. हालांकि, इस उपलब्धि में रेत खनिज से मिलने वाली रॉयल्टी शामिल नहीं है.। जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में हुए टेंडर के तहत मेसर्स सहकार ग्लोबल लिमिटेड द्वारा वर्ष 2025–26 में 68.59 करोड़ रुपये की निविदा राशि मध्यप्रदेश खनिज निगम को जमा की जानी है. खनिज विभाग की इस बड़ी सफलता ने सिंगरौली को प्रदेश में नई पहचान दिलाई है और प्रशासन की कार्यशैली को मजबूती से स्थापित किया है.
shivendra 
