OBC युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर, भोपाल से शुरू हुई ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’
मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का शुभारंभ, 45 दिन का विशेष प्रशिक्षण, सेना-पुलिस भर्ती की होगी तैयारी
भोपाल। राजधानी में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की महत्वाकांक्षी ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का शुक्रवार को शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अपेक्स बैंक परिसर स्थित समन्वय भवन में हुआ। इस योजना के जरिए ओबीसी वर्ग के युवाओं को सेना, पुलिस, होमगार्ड, सुरक्षा गार्ड और निजी सुरक्षा कंपनियों की भर्ती परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा।

कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, भोपाल महापौर मालती राय, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया और विधायक भगवानदास सबनानी मौजूद रहे। इस दौरान भोपाल, नर्मदापुरम और रायसेन जिले के चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण किट भी वितरित की गई।
45 दिन तक चलेगा प्रशिक्षण
योजना के तहत चयनित युवाओं को 45 दिनों तक विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें शारीरिक अभ्यास के साथ-साथ लिखित परीक्षाओं की तैयारी, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और व्यवहारिक प्रशिक्षण भी शामिल रहेगा। विभाग का कहना है कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को भर्ती प्रक्रियाओं के लिए पहले से तैयार करना है, ताकि चयन के दौरान उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

मंत्री कृष्णा गौर ने मीडिया से चर्चा में कहा कि योजना के पहले चरण में करीब दो हजार युवक और दो हजार युवतियां प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि पिछड़ा वर्ग के युवाओं को बेहतर अवसर मिलें और वे देश की सुरक्षा सेवाओं में अपनी भागीदारी बढ़ाएं।
युवाओं को सशक्त बनाने का अभियान
राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह उनके राजनीतिक जीवन का एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने यह संकल्प लिया है कि पिछड़ा वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार परक प्रशिक्षण नहीं है, बल्कि युवाओं में शौर्य, समर्पण और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का भी प्रयास है। योजना का नाम ‘शौर्य संकल्प’ इसलिए रखा गया है ताकि युवाओं में आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत हो सके।

मंत्री गौर ने युवाओं से कहा कि वे किसी भी भ्रम या नकारात्मक सोच में न आएं। सरकार युवाओं को कौशल, प्रेरणा और अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बताए गए विकास के चार प्रमुख स्तंभों का जिक्र करते हुए कहा कि युवा शक्ति देश के भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है।
हजारों आवेदन, हजारों युवाओं का चयन
कार्यक्रम में विभागीय आयुक्त सौरभ सुमन ने योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के लिए कुल 6,687 आवेदन प्राप्त हुए थे। स्क्रीनिंग और चयन प्रक्रिया के बाद 3,664 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। इनमें 2,030 छात्र और बाकी छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूरी तरह आधुनिक तरीके से कराया जाएगा। युवाओं को ऐप आधारित ट्रेनिंग मटेरियल भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे डिजिटल माध्यम से भी अपनी तैयारी जारी रख सकें।

आयुक्त ने कहा कि योजना को युवाओं से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। यदि आगे आवश्यकता महसूस हुई तो मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री की अनुमति के बाद इसे दूसरे जिलों में भी शुरू किया जाएगा और सीटों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
ओबीसी छात्रावासों में पहली बार मुफ्त मेस सुविधा
कार्यक्रम के दौरान मंत्री कृष्णा गौर ने विभाग की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार ओबीसी छात्रावासों में मुफ्त मेस सुविधा शुरू की जा रही है। इसके तहत छात्रों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में ‘दिल्ली छात्रगृह योजना’ के तहत मिलने वाली सहायता राशि को 1,550 रुपए से बढ़ाकर सीधे 10 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है।
31 कन्या छात्रावास बनेंगे आदर्श छात्रावास
राज्यमंत्री ने बताया कि छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर वातावरण देने के लिए प्रदेश के 31 कन्या छात्रावासों को ‘आदर्श छात्रावास’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि छात्राएं बेहतर माहौल में पढ़ाई कर सकें। इसके अलावा सरकार ‘सरदार पटेल कोचिंग योजना’ के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी विद्यार्थियों को नीट, क्लैट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी भी उपलब्ध करा रही है।

मंत्री गौर ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है जहां सोशल इंपैक्ट बॉन्ड के माध्यम से युवाओं को ट्रेनिंग देकर विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना भी है।
कार्यक्रम में मौजूद महापौर मालती राय ने कहा कि यह योजना ओबीसी वर्ग के युवाओं के लिए बड़ा अवसर साबित होगी। वहीं विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि इस तरह की योजना देश में पहली बार मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई है। वहीं, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा कि मंत्री कृष्णा गौर के प्रयासों से यह योजना धरातल पर उतर सकी है और आने वाले समय में इसका लाभ हजारों युवाओं को मिलेगा।
Varsha Shrivastava 
