Mauganj: जिला पंचायत CEO ने दिया PM आवास योजना के अधूरे आवास शीघ्र पूर्ण करने का आदेश
जिला पंचायत CEO मेहताब सिंह गुर्जर ने हितग्राहियों से किया संवाद, निर्माण सामग्री उचित दरों पर उपलब्ध कराने और समस्याओं के तुरंत निराकरण के दिए निर्देश
मऊगंज से राजेंद्र पयासी की रिपोर्ट।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत स्वीकृत मकानों को निर्धारित समय में पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर संजय कुमार जैन के निर्देश पर जनपद पंचायत मऊगंज के सभाकक्ष में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने हितग्राहियों के साथ समीक्षा बैठक कर सीधा संवाद किया।
कोई भी पात्र परिवार छत से वंचित न रहे- CEO
बैठक में सीईओ गुर्जर ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार छत से वंचित न रहे। जिन हितग्राहियों को किस्तें मिल चुकी हैं, उन्हें शीघ्र निर्माण कार्य पूर्ण करना होगा। उन्होंने हितग्राहियों से अपील की कि राशि का सदुपयोग कर गुणवत्तापूर्ण मकान बनाएं।
सबसे बड़ी समस्या निर्माण सामग्री की महंगाई और उपलब्धता की बताई गई। इस पर सीईओ ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि जनपद पंचायत स्तर पर अधिकृत वेंडर्स की सूची तैयार कर हितग्राहियों को उनसे जोड़ा जाएगा। इससे सीमेंट, सरिया, ईंट और रेत जैसी सामग्री बाजार से कम दरों पर मिल सकेगी। इससे न सिर्फ लागत घटेगी बल्कि काम में भी तेजी आएगी।

बैठक में CEO ने हितग्राही से वन-टू-वन चर्चा की
बैठक के दौरान सीईओ ने प्रत्येक हितग्राही से वन-टू-वन चर्चा कर निर्माण में आ रही बाधाओं को जाना। कई हितग्राहियों ने मजदूरों की कमी, सामग्री की ऊंची दर और किस्त विलंब की शिकायत की। सीईओ ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जानकारी या संसाधन के अभाव में कोई भी आवास अधूरा नहीं रहना चाहिए।
अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए। सीईओ ने कहा कि सभी पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक अपने-अपने गांवों में नियमित भ्रमण करें। निर्माण कार्य की फोटो सहित प्रगति रिपोर्ट हर सप्ताह जमा करें। लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
इस बैठक में सीईओ जनपद पंचायत परमानंद तिवारी, ब्लॉक समन्वयक पीएमआरवाई, एपीओ मनरेगा सहित सभी पंचायत सचिव और रोजगार सहायक उपस्थित रहे। वहीं, प्रशासन ने कहा कि जिले में पीएमआरवाई की मॉनिटरिंग रोजाना की जा रही है। लक्ष्य है कि अगले दो महीने में सभी अधूरे आवास पूर्ण कर हितग्राहियों को गृह प्रवेश कराया जाए।
Varsha Shrivastava 
