MP में हजारों कर्मचारियों का होगा प्रमोशन, अब CPCT नहीं बनेगी रास्ते का रोड़ा
मध्यप्रदेश में CPCT की अनिवार्यता से अटके कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर CM मोहन यादव ने बड़ा निर्देश दिया है. जिससे 15 हजार कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
भोपाल। मध्यप्रदेश के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब CPCT यानी Computer Proficiency Certification Test की अनिवार्यता के चलते कर्मचारियों का प्रमोशन नहीं रुकेगा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को इस मामले में जल्द सकारात्मक फैसला लेने के निर्देश दिए हैं. इससे प्रदेश के करीब 15 हजार कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सामान्य प्रशासन विभाग यानी GAD ने 22 जुलाई 2026 को एक आदेश जारी कर पदोन्नति के लिए CPCT को अनिवार्य कर दिया था। इसके चलते जिन कर्मचारियों के पास CPCT प्रमाणपत्र नहीं था, उनके प्रमोशन पर रोक लग गई थी। कुछ कर्मचारियों को प्रमोशन के बाद वापस पुराने पद पर भी भेजे जाने की बात सामने आई थी।
इस आदेश के बाद कर्मचारी संगठनों में नाराजगी बढ़ गई। मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ और लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ समेत कई संगठनों ने इसका विरोध किया। कर्मचारियों ने भोपाल के विंध्याचल भवन के सामने प्रदर्शन कर GAD के आदेश की प्रतियां भी जलाई थीं।
CM मोहन यादव ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि CPCT परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर जल्द ऐसा फैसला लिया जाए, जो कर्मचारियों के हित में हो। सीएम ने स्पष्ट किया कि CPCT परीक्षा के कारण किसी पात्र कर्मचारी की पदोन्नति नहीं रुकनी चाहिए और किसी कर्मचारी को रिवर्ट भी नहीं किया जाना चाहिए।
सरकार के इस रुख के बाद कर्मचारियों को अब नए आदेश का इंतजार है। हालांकि, अंतिम राहत किस प्रक्रिया और किन शर्तों के साथ मिलेगी, यह सरकार के औपचारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।
अनुकंपा नियुक्ति में भी CPCT का असर
CPCT की अनिवार्यता का असर सिर्फ प्रमोशन पर ही नहीं पड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक, अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में भी यह शर्त लागू होने से कई परिवार प्रभावित हुए। कुछ युवाओं को नियुक्ति मिलने के बाद नई शर्तों के कारण नौकरी गंवानी पड़ी। इसके विरोध में कुछ युवाओं ने मंत्रालय के सामने मुंडन कराकर प्रदर्शन भी किया था।
क्या है CPCT?
CPCT यानी Computer Proficiency Certification Test मध्यप्रदेश में कंप्यूटर दक्षता का प्रमाणन परीक्षण है। इसे आयोजित करने की जिम्मेदारी MAP-IT को दी गई है। आधिकारिक CPCT नियम पुस्तिका के मुताबिक MAP-IT को मध्यप्रदेश सरकार ने CPCT के संचालन के लिए नोडल एजेंसी बनाया है।
CPCT की परीक्षा में कंप्यूटर दक्षता से जुड़े परीक्षण शामिल होते हैं। सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य सरकारी कामकाज में कंप्यूटर और डिजिटल दक्षता को बढ़ावा देना है।
अब कर्मचारियों की नजर सरकारी आदेश पर
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों में राहत की उम्मीद जगी है। करीब 15 हजार कर्मचारियों के प्रमोशन पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। अब सभी की नजर सरकार के उस औपचारिक आदेश पर है, जिसमें CPCT की अनिवार्यता और प्रमोशन से जुड़े नियमों को स्पष्ट किया जाएगा।
नोट: फिलहाल मुख्यमंत्री के निर्देश की जानकारी सामने आई है। अंतिम नियम और लागू प्रक्रिया सरकार के औपचारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट मानी जाएगी।

