लाल सिंह आर्य बोले- वैश्विक संकट में पीएम मोदी का नेतृत्व बना भारत की सबसे बड़ी ताकत
भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि भारत तेजी से आर्थिक महाशक्ति बन रहा है।
नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध, आर्थिक अनिश्चितता और ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने एक बार फिर आत्मनिर्भर भारत और आर्थिक स्थिरता को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है। भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक व्यापार पर बढ़ते दबाव के बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक स्थिति को स्थिर बनाए रखा है। सरकार का दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
आत्मनिर्भर भारत पर सरकार का जोर
भाजपा नेता लाल सिंह आर्य ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक सरकारी नारा नहीं, बल्कि देश की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा बड़ा अभियान है। उन्होंने नागरिकों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने, ऊर्जा की बचत करने और घरेलू उद्योगों को समर्थन देने की अपील की। उनका कहना है कि यदि देश का पैसा देश में ही रहेगा तो रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और विदेशी मुद्रा पर दबाव कम होगा।
उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान भारत ने यह साबित किया कि वह न केवल अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है, बल्कि दूसरे देशों की भी मदद करने की क्षमता रखता है। वैक्सीन निर्माण, डिजिटल तकनीक और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भारत ने तेजी से प्रगति की है।
भारत की अर्थव्यवस्था पर सरकार का दावा
सरकार समर्थित बयान में कहा गया कि वर्ष 2014 में भारत की अर्थव्यवस्था करीब 2 ट्रिलियन डॉलर के आसपास थी, जो अब तेजी से बढ़ते हुए लगभग 4.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। साथ ही दावा किया गया कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
लाल सिंह आर्य ने कहा कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, डिजिटल पारदर्शिता, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और निवेश बढ़ाने वाली नीतियों ने भारत को वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आज कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी भारत को वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन मान रही हैं।
मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया को मिली ताकत
केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा गया कि “Make in India”, “Startup India”, “Digital India” और PLI योजना ने देश के विनिर्माण क्षेत्र को नई दिशा दी है। मोबाइल निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे उपकरण और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में भारत ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
सरकार का दावा है कि पहले भारत मोबाइल फोन का बड़ा आयातक था, लेकिन अब वह दुनिया के प्रमुख मोबाइल निर्माण देशों में शामिल हो चुका है। इसके साथ ही डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार ने आम लोगों तक सुविधाओं की पहुंच आसान बनाई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बताया बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री मोदी सरकार ने सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विकास को आर्थिक परिवर्तन का आधार बताया है। एक्सप्रेसवे, वंदे भारत ट्रेन, मेट्रो नेटवर्क और नए एयरपोर्ट जैसी परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा गया कि इनसे देश की विकास गति को नई ऊर्जा मिली है। लाल सिंह आर्य का कहना है कि रिकॉर्ड स्तर पर किए गए कैपेक्स निवेश ने रोजगार और औद्योगिक विकास को मजबूती दी है। आधुनिक हाईवे और रेलवे स्टेशन विकसित भारत की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।
महंगाई और ऊर्जा संकट पर सरकार की रणनीति
वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई और ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए कई कदम उठाने का दावा किया है। सरकार ने मुफ्त राशन योजना जारी रखने, ईंधन पर टैक्स में राहत देने और आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन मजबूत करने को अपनी बड़ी उपलब्धि बताया। साथ ही लोगों से ऊर्जा बचत और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की गई। लाल सिंह आर्य का कहना है कि छोटी-छोटी बचत भी राष्ट्रीय हित में बड़ा योगदान साबित हो सकती है।
लाल सिंह आर्य ने विपक्ष पर भी साधा निशाना
लाल सिंह आर्य ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि कुछ राजनीतिक दल देश में आर्थिक अस्थिरता और डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि ऐसे समय में सभी दलों को राष्ट्रहित में एकजुट होकर काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा राष्ट्रहित को राजनीति से ऊपर रखा है और वर्तमान वैश्विक संकट के समय देशवासियों को भी जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है।
आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी पूरा होगा जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे। स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग, भारतीय उद्योगों को समर्थन और ऊर्जा बचत जैसे कदम देश की आर्थिक मजबूती में अहम भूमिका निभा सकते हैं। सरकार का मानना है कि मजबूत इच्छाशक्ति, स्पष्ट नीतियों और जनभागीदारी के जरिए भारत किसी भी वैश्विक संकट का सामना कर सकता है। मौजूदा परिस्थितियों में केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत को देश की आर्थिक सुरक्षा और विकास का सबसे बड़ा आधार मान रही है।
Varsha Shrivastava 
