NEET पेपर लीक केस: महाराष्ट्र कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर गिरफ्तार, अब तक 10 आरोपी किए गए अरेस्ट
NEET पेपर लीक केस में 10वीं गिरफ्तारी। महाराष्ट्र के लातूर से केमिस्ट्री कोचिंग डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर अरेस्ट। CBI की तलाशी में मोबाइल से मिला NEET UG का लीक पेपर।
NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने महाराष्ट्र से एक कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह एक संगठित गिरोह का हिस्सा था, जो NEET का पेपर और आंसर की लीक करने में शामिल था। इस मामले में अब तक कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
महाराष्ट्र के लातूर में कोचिंग सेंटर पर छापा
CBI ने लातूर स्थित रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) के मेन ऑफिस पर छापेमारी की। 15 मई को मोटेगांवकर से उसके घर पर 8 घंटे पूछताछ की थी। यह कोचिंग सेंटर महाराष्ट्र के 7 जिलों में संचालित की जा रही है। रविवार को CBI ने RCC के मेन ऑफिस पर छापा मारकर कई डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी जब्त किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोचिंग सेंटर का ₹100 करोड़ का टर्नओवर है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कोचिंग सेंटर से जुड़े डायरेक्टर के मोबाइल फोन से NEET-UG परीक्षा का कथित लीक पेपर भी मिला है। इसी आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर 23 अप्रैल को ही पेपर और आंसर की हासिल कर ली थी और इसे कई उम्मीदवारों तक पहुंचाया गया। CBI को शक है कि सेंटर में NEET कैंडिडेट्स को लीक पेपर के सवाल उपलब्ध कराए गए, साथ ही लातूर के कई डॉक्टरों ने लीक पेपर खरीदा।
CBI जांच में संगठित नेटवर्क का खुलासा
CBI के मुताबिक यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संगठित नेटवर्क की तरह काम कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र और उत्तर कुंजी हासिल कर ली थी और उसे पैसे लेकर कुछ उम्मीदवारों और डॉक्टरों तक पहुंचाया गया। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में किन-किन राज्यों के लोग शामिल हैं और पेपर किस तरह से लीक होकर विभिन्न स्थानों तक पहुंचा।
NEET पेपर लीक मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें से 6 गिरफ्तारियां महाराष्ट्र से हुई हैं। इसके अलावा राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में भी जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। CBI का कहना है कि वह इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक कैसे हुआ और इसे किसने सबसे पहले बाहर निकाला।
21 जून को होगा NEET का री-एग्जाम
NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें लगभग 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। बाद में परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया। 7 मई को गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू हुई और 12 मई को परीक्षा को रद्द कर दिया गया। इसके बाद री-एग्जाम कराने का फैसला लिया गया। अब 21 जून को फिर से परीक्षा होगी।
इस पूरे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में प्रशासनिक बदलाव कर चार नए अधिकारियों की नियुक्ति की है। IRS अधिकारी आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगढ़िया को जॉइंट डायरेक्टर बनाया गया। अनुजा बापट और रुचिता विज को भी NTA में जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया। दोनों का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से पांच साल या अगले आदेश तक रहेगा।
Varsha Shrivastava 
