सतना में ब्याज वसूली के विवाद में बुजुर्ग की हत्या, सगे भाइयों ने मामा के साथ मिलकर की वारदात

सतना में ब्याज वसूली के विवाद में 65 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया। सगे भाइयों ने मामा के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। तीनों आरोपी गिरफ्तार।

सतना में ब्याज वसूली के विवाद में बुजुर्ग की हत्या, सगे भाइयों ने मामा के साथ मिलकर की वारदात

सतना। जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान में करीब 14 दिन पहले हुई 65 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस के मुताबिक, ब्याज की रकम और कथित वसूली को लेकर हुए विवाद में सगे भाइयों ने अपने मामा के साथ मिलकर बुजुर्ग की हत्या की थी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल चाकू, कुल्हाड़ी और लोटा बरामद किया गया है. 

निर्माणाधीन मकान में मिली थी बुजुर्ग की लाश

मझगवां भट्ठा स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के पास एक निर्माणाधीन मकान से दुर्गंध आने पर पड़ोसी बृजेश प्रताप सिंह ने पुलिस को सूचना दी थी. मौके पर पहुंची पुलिस को मकान के कमरे की सिटकिनी बाहर से बंद मिली. दरवाजा खोलने पर अंदर तखत पर एक बुजुर्ग का शव पड़ा था.  मृतक की पहचान रमाशंकर गर्ग (65) के रूप में हुई थी. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उनकी हत्या दो से तीन दिन पहले की गई थी.

ब्याज पर पैसे देने का काम करता था मृतक

पुलिस जांच में सामने आया कि रमाशंकर गर्ग ब्याज पर पैसे देने का काम करता था. पुलिस ने मृतक से लेन-देन करने वाले लोगों की जानकारी जुटाकर जांच शुरू की. तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद हत्या की पूरी कहानी सामने आई.

30 हजार रुपये का लिया था कर्ज

पुलिस के मुताबिक, आरोपी अंकित रैकवार ने करीब दो साल पहले रमाशंकर गर्ग से 30 हजार रुपये 10 प्रतिशत मासिक ब्याज पर लिए थे. अंकित ने अपने भाई सचिन का हस्ताक्षर किया हुआ ब्लैंक चेक रमाशंकर को दिया था. आरोप है कि अंकित नियमित रूप से ब्याज देता रहा और मूलधन भी वापस करता रहा. इसके बावजूद रमाशंकर ने कथित तौर पर सचिन के ब्लैंक चेक के आधार पर कोर्ट में केस कर दिया.

30 हजार के कर्ज पर 2.70 लाख की मांग का आरोप

पुलिस के अनुसार, सचिन को जब मामले की जानकारी मिली तो उसने अपने भाई अंकित से चेक देने को लेकर सवाल किया. अंकित ने उसे बताया कि वह मूलधन और ब्याज चुका चुका है, लेकिन रमाशंकर की ओर से 2 लाख 70 हजार रुपये की मांग की जा रही थी. इसी तरह पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के मामा नीरज रैकवार ने भी रमाशंकर से 70 हजार रुपये उधार लिए थे. मूलधन और ब्याज का कुछ हिस्सा चुकाने के बाद भी कथित तौर पर नीरज से 4 लाख रुपये की मांग की जा रही थी.

समझौते के लिए गए थे, विवाद बढ़ा तो कर दी हत्या

सीएसपी मनीष त्रिपाठी के मुताबिक, 15 अक्टूबर की रात सचिन रैकवार अपने बड़े भाई अंकित और मामा नीरज के साथ पशुपतिनाथ मंदिर के पास स्थित निर्माणाधीन मकान में रमाशंकर से लेन-देन का विवाद सुलझाने पहुंचा था.

तीनों ने कथित तौर पर रमाशंकर से कहा कि वे ब्याज की रकम दे चुके हैं और मूलधन देने को तैयार हैं. साथ ही कोर्ट में चल रहा मामला खत्म करने की बात कही. लेकिन बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया. पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान सचिन ने लोटे से रमाशंकर के सिर पर हमला किया, जिससे वह तखत पर गिर गए. इसके बाद अंकित और नीरज ने कथित तौर पर चाकू और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई.

हत्या के बाद बाहर से बंद कर भागे आरोपी

वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपियों ने कमरे की सिटकिनी बाहर से बंद कर दी और मौके से फरार हो गए. कुछ दिन बाद मकान से दुर्गंध आने पर पड़ोसी ने पुलिस को सूचना दी और घटना का खुलासा हुआ.

पुलिस के मुताबिक, ब्याज की कथित वसूली से परेशान होकर आरोपी सचिन अपना पैतृक मकान छोड़कर मारुति नगर में किराए के मकान में रहने लगा था.

तीनों आरोपी जेल भेजे गए

पुलिस ने हत्या के आरोप में सचिन रैकवार (25), अंकित रैकवार (28) और नीरज रैकवार (36) को गिरफ्तार किया है. सचिन और अंकित सिविल लाइन क्षेत्र के रहने वाले हैं, जबकि नीरज रैकवार रगौली, थाना कोटर का निवासी है.

आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 795/26, धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है. कार्रवाई में सिविल लाइन थाना प्रभारी प्रीति विश्वकर्मा, साइबर सेल प्रभारी अजीत सिंह समेत पुलिस टीम की भूमिका रही.