MP में समान नागरिक संहिता को मंजूरी, जगदीशपुर में मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला

मध्यप्रदेश के जगदीशपुर में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

MP में समान नागरिक संहिता को मंजूरी, जगदीशपुर में मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला

मध्यप्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई. अब सरकार इस विधेयक को विधानसभा में पेश करेगी. सरकार का कहना है कि यह संहिता संविधान के अनुच्छेद-44 के तहत राज्य के नीति-निदेशक तत्वों को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम है. इसका उद्देश्य सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में एक समान कानून लागू करना है. सरकार के मुताबिक इस संहिता का सबसे बड़ा लक्ष्य महिलाओं को समान अधिकार देना, पुराने भेदभाव को खत्म करना और पर्सनल कानूनों को आधुनिक एवं पारदर्शी बनाना है.

क्या है समान नागरिक संहिता (UCC)?

समान नागरिक संहिता ऐसा कानून है, जिसके तहत धर्म के आधार पर अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह सभी नागरिकों के लिए एक समान सिविल कानून लागू होगा. इसमें विवाह, तलाक, संपत्ति का बंटवारा, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे निजी मामलों के लिए एक समान नियम होंगे.

सरकार का दावा है कि इस कानून से संविधान में निहित समानता, न्याय, लैंगिक समानता और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों को मजबूती मिलेगी.

संविधान के अनुच्छेद-44 के तहत तैयार हुआ मसौदा

सरकार ने बताया कि संविधान के भाग-4 में राज्य के नीति-निदेशक तत्वों के आधार पर आर्टिकल-44 में समान नागरिक संहिता लागू करने का जिक्र मिलता है. इसी संवैधानिक प्रावधान को ध्यान में रखते हुए "मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता-2026" का ड्राफ्ट तैयार किया गया है. इस मसौदे को तैयार करने में उत्तराखंड (2024), गुजरात (2026) और असम (2026) में लागू UCC का भी अध्ययन किया गया.

10 लाख से ज्यादा सुझावों के बाद तैयार हुआ ड्राफ्ट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार UCC के लिए गठित समिति की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना देसाई ने की.

सरकार का दावा है कि—

  • सभी धर्मों और समाज के लोगों से सुझाव लिए गए.
  • सोशल मीडिया, SMS और अन्य माध्यमों से सुझाव आमंत्रित किए गए.
  • 10 लाख से ज्यादा प्रतिक्रियाएं मिलीं.
  • लगभग 94% लोगों ने UCC का समर्थन किया.

UCC की सबसे बड़ी बातें

1. सभी धर्मों के लिए एक विवाह का नियम

  1. ड्राफ्ट के अनुसार पूरे प्रदेश में केवल एक ही विवाह (Monogamy) मान्य होगा।
  2. कोई भी व्यक्ति पहली शादी रहते दूसरी शादी नहीं कर सकेगा।
  3. यदि दूसरी शादी करनी है तो पहले कानूनी तलाक लेना होगा।

2. शादी की न्यूनतम उम्र तय

  1. पुरुष की उम्र कम से कम 21 वर्ष
  2. महिला की उम्र कम से कम 18 वर्ष

इसी उम्र के बाद विवाह कानूनी रूप से मान्य होगा।

3. मौखिक तलाक नहीं चलेगा

ड्राफ्ट के अनुसार—

  1. मौखिक तलाक मान्य नहीं होगा।
  2. पंचायत या सामाजिक फैसलों के आधार पर तलाक भी वैध नहीं माना जाएगा।
  3. तलाक केवल अदालत और कानून में तय प्रक्रिया के तहत ही होगा।

4. निकाह हलाला जैसी प्रथाओं पर रोक

ड्राफ्ट में कहा गया है कि तलाक के बाद दोबारा शादी के लिए किसी महिला को निकाह हलाला जैसी प्रक्रिया अपनाने के लिए मजबूर करना अपराध माना जाएगा. ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

5. शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन जरूरी

UCC लागू होने के बाद—

  • हर शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा।
  • तलाक का भी रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा।
  • शहरों में ई-नगरपालिका पोर्टल के जरिए प्रक्रिया पूरी होगी।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में SDM, पंचायत या नगर निकाय के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराया जाएगा।

हालांकि रजिस्ट्रेशन नहीं होने से शादी स्वतः अमान्य नहीं होगी।

लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

ड्राफ्ट के मुताबिक, लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को अपना संबंध रजिस्टर कराना होगा। सरकार का कहना है कि इससे महिलाओं और बच्चों के कानूनी अधिकारों को सुरक्षा मिलेगी।

महिलाओं को मिलेंगे बराबरी के अधिकार

UCC में महिलाओं के अधिकारों को विशेष महत्व दिया गया है। यदि पति ने शादी के समय किसी दूसरी महिला के गर्भवती होने की बात छिपाई है, तो पत्नी को विवाह निरस्त कराने का अधिकार होगा।

बेटा-बेटी और माता-पिता को समान अधिकार

ड्राफ्ट के अनुसार संपत्ति के मामलों में बेटा और बेटी दोनों को बराबर अधिकार मिलेंगे, चाहे वे शादीशुदा हों या नहीं। विधवा और विधुर के साथ भी समान व्यवहार होगा। वहीं, किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर माता और पिता दोनों को समान दर्जे का उत्तराधिकारी माना जाएगा और उन्हें बराबर हिस्सा मिलेगा।

बिना वसीयत संपत्ति का बंटवारा कैसे होगा?

यदि किसी व्यक्ति ने वसीयत नहीं बनाई है, तो उसकी संपत्ति तय कानूनी क्रम के अनुसार क्लास-1, क्लास-2 और अन्य रिश्तेदारों के बीच बांटी जाएगी।

बच्चों के अधिकारों में बड़ा बदलाव

ड्राफ्ट में कानूनी भाषा से "अवैध संतान" शब्द पूरी तरह हटाने का प्रस्ताव है। विवाह, लिव-इन, गोद लेने, सरोगेसी या ART तकनीक से जन्मे सभी बच्चों को समान कानूनी अधिकार मिलेंगे। वहीं, कस्टडी के मामलों में अदालत का सबसे बड़ा आधार केवल बच्चे का हित होगा।

आदिवासी समुदाय रहेगा बाहर

यह कानून संविधान के अनुच्छेद 342 के तहत आने वाली अनुसूचित जनजातियों, जैसे भील, गोंड, बैगा, कोरकू, सहरिया और भारिया पर लागू नहीं होगा। संविधान के भाग-21 के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त समुदाय भी इसके दायरे से बाहर रहेंगे।

मोहन कैबिनेट के आज के बड़े फैसले 

प्रदेश में निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। सरकार का कहना है कि इससे उद्योगों और कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया आसान होगी।

फायर सेफ्टी अधिनियम को मिली हरी झंडी

कैबिनेट ने फायर सेफ्टी अधिनियम को भी मंजूरी दे दी। नए कानून के लागू होने के बाद अग्नि सुरक्षा से जुड़े नियमों को और प्रभावी बनाया जाएगा।

स्वास्थ्य विश्वविद्यालय अधिनियम पारित

बैठक में स्वास्थ्य विश्वविद्यालय अधिनियम को भी मंजूरी दी गई। इससे प्रदेश में मेडिकल और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ेगा।

राज्यमार्ग-2026 विधेयक को मंजूरी

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश राज्यमार्ग-2026 विधेयक को भी स्वीकृति दी। सरकार का उद्देश्य राज्य के सड़क नेटवर्क के विकास और बेहतर प्रबंधन को गति देना है।

सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं होंगी बेहतर

बैठक में प्रदेशभर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने का फैसला लिया गया। सरकार का कहना है कि इससे लोगों को बेहतर इलाज और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

चित्रकूट में बनेगा 100 बेड का अस्पताल

कैबिनेट ने चित्रकूट में 100 बिस्तरों वाला नया अस्पताल खोलने को भी मंजूरी दी। इससे चित्रकूट और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में निवेश, स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।