पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस: गूगल पर 'डेथ पॉइंट' और पुलिस से बचने के तरीके सर्च किए, जांच में कई नए खुलासे
पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पुलिस का दावा है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या से पहले गूगल पर डेथ पॉइंट, पुलिस से बचने के तरीके और चैट डिलीट करने जैसी जानकारी सर्च की थी. पढ़ें मामले की पूरी टाइमलाइन और ताजा अपडेट.
पुणे। केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. अब पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने हत्या से पहले गूगल पर लोहगढ़ किले के "डेथ पॉइंट" खोजे थे. पुलिस का दावा है कि दोनों ने यह भी सर्च किया कि किसी को जहर देकर कैसे मारा जाए ताकि पुलिस को शक न हो और गिरफ्तारी की स्थिति में पुलिस के सवालों का जवाब कैसे दिया जाए.
गूगल पर डेथ पॉइंट और पुलिस से बचने के तरीके खोजे
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने लोहगढ़ किले की खाइयों, वहां तक पहुंचने के रास्ते और ऐसे स्थानों की जानकारी जुटाई जहां से किसी को धक्का दिया जा सके. जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने हत्या के बाद कौन-कौन से व्हाट्सएप मैसेज डिलीट करने हैं, इसकी भी जानकारी इंटरनेट पर खोजी थी.
मोबाइल छोड़कर गया चेतन
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हत्या वाले दिन चेतन चौधरी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपना मोबाइल एक दुकान पर छोड़ दिया था. इसके बाद उसने दूसरे मोबाइल का इस्तेमाल किया. पुलिस अब डिलीट किए गए व्हाट्सएप मैसेज और मोबाइल डेटा की फॉरेंसिक जांच करा रही है.
बाइक, हुडी और अन्य सामान जब्त
पुलिस ने चेतन चौधरी की वह बाइक जब्त कर ली है, जिससे वह लोहगढ़ किले तक पहुंचा था. इसके अलावा उसकी हुडी, हेडफोन और अन्य सामान भी कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.
परिवार से लगातार पूछताछ
शनिवार को पुलिस ने सिया गोयल के माता-पिता से करीब 12 घंटे तक पूछताछ की. इससे पहले उसके भाई साहिल गोयल से भी लंबी पूछताछ की गई थी. पुलिस का कहना है कि साहिल पहले से चेतन को जानता था और अब दोनों के रिश्ते और पूरी साजिश की टाइमलाइन खंगाली जा रही है.
केतन के माता-पिता ने मांगी फांसी की सजा
शनिवार शाम पिंपरी-चिंचवाड़ में केतन अग्रवाल को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च निकाला गया. इस दौरान परिवार और स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा कि उनका बेटा पूरी तरह निर्दोष था और उसे न्याय मिलना चाहिए. वहीं, मां राखी अग्रवाल ने कहा कि अगर सिया और चेतन दोषी साबित होते हैं तो दोनों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए.
पुलिस का दावा- हत्या से पहले कई बार बनाई योजना
जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया है कि हत्या की साजिश कई दिनों पहले रची गई थी.
- 31 मई: लोहगढ़ किले पर हत्या का प्लान बनाया गया.
- 5 जून: सिया ने दोबारा किले पर चलने की जिद की, लेकिन केतन नहीं गया.
- 14 जून: पुलिस के मुताबिक, पहली बार धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन केतन बच गया.
- 18 जून: पुलिस का दावा है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया.
डिलीट की गई चैट और हजारों कॉल्स की जांच
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल से चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी और रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था. डेटा रिकवर करने के लिए मोबाइल फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं. जांच में यह भी सामने आया कि जनवरी से लेकर घटना वाले दिन तक सिया और चेतन के बीच करीब 2004 कॉल्स हुईं, जिसका टाइम लगभग 338 घंटे बताई जा रही है.
क्या है पूरा मामला?
18 जून को केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे के लोहगढ़ किले पर घूमने गया था. वहीं उसकी खाई में गिरने से मौत हो गई. शुरुआती तौर पर इसे हादसा माना गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को हत्या की साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल दोनों पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है.

