1.20 करोड़ की फ्रेंचाइजी ठगी का खुलासा, क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से दो डायरेक्टर गिरफ्तार किए
इंदौर क्राइम ब्रांच ने वेलनेस सेंटर की फ्रेंचाइज़ी दिलाने के नाम पर 1 करोड़ 20 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नई दिल्ली से कंपनी के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है।
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की क्राइम ब्रांच पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने वेलनेस सेंटर की फ्रेंचाइज़ी देने के नाम पर करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले एक हाईप्रोफाइल अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में क्राइम ब्रांच की विशेष टीम ने देश की राजधानी नई दिल्ली में दबिश देकर एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के दो डायरेक्टरों को दबोच लिया है। वहीं, इस धोखाधड़ी के खेल में शामिल दो बड़े डॉक्टर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
वेलनेस सेंटर खोलने का दिया झांसा, ऐसे जाल में फंसाया
क्राइम ब्रांच के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित महिला रितु मेहता ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 'डॉ. हरोर्स एस्थेटिक प्राइवेट लिमिटेड' नामक कंपनी के कर्ताधर्ताओं ने उन्हें इंदौर में एक हाई-टेक वेलनेस सेंटर खोलने का लुभावना ऑफर दिया था। कंपनी के आलीशान प्रोफाइल और झूठे वादों के झांसे में आकर पीड़ित महिला ने अलग-अलग किस्तों में करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि कंपनी के खाते में ट्रांसफर कर दी।
न फ्रेंचाइजी दी और न ही लौटाए पैसे
पैसे हड़पने के बाद कंपनी के संचालकों ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब इंदौर में वेलनेस सेंटर शुरू नहीं हुआ, तो रितु मेहता ने अपनी रकम वापस मांगी। इस पर आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ मना कर दिया और टालमटोल करने लगे। खुद को ठगा महसूस करने के बाद पीड़िता ने सीधे इंदौर क्राइम ब्रांच की शरण ली, जिसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई।
दिल्ली में दबिश: क्राइम ब्रांच ने घेराबंदी कर दबोचे दो डायरेक्टर
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच ने तुरंत एक स्पेशल टीम का गठन किया और आरोपियों के मोबाइल लोकेशन के आधार पर नई दिल्ली रवाना किया। पुलिस टीम ने दिल्ली के वीआईपी इलाकों में बने आरोपियों के ठिकानों पर अचानक दबिश दी। इस ऑपरेशन में पुलिस ने कंपनी के दो मुख्य डायरेक्टरों देबदुलाल बनर्जी और राहुल सावेल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी लंबे समय से देश के अलग-अलग हिस्सों में फ्रेंचाइज़ी के नाम पर लोगों को अपना शिकार बना रहे थे।
दो शातिर डॉक्टर अभी भी फरार, जल्द होगा बड़ा खुलासा
इस मामले में पुलिस को अभी दो अन्य आरोपियों की तलाश है, जो पेशे से डॉक्टर बताए जा रहे हैं और इस ठगी के नेटवर्क के मुख्य दिमाग हैं। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, दोनों फरार डॉक्टरों को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इधर, मामले की जानकारी देते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों डायरेक्टरों से इंदौर लाकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस को पूरी आशंका है कि इस गिरोह के तार देश के कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं और पूछताछ के बाद करोड़ों रुपये की ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

