इंदौर: तीन इमली बस डिपो में भीषण आग, 4 धमाके हुए, 5 बसें जलकर खाक

नवलखा बस पार्किंग में आग से मचा हड़कंप, :अवैध पार्किंग में वेल्डिंग के दौरान हादसा, धमाकों के बीच पार्षद धरने पर बैठे

इंदौर: तीन इमली बस डिपो में भीषण आग, 4 धमाके हुए, 5 बसें जलकर खाक

इंदौर के नवलखा और तीन इमली चौराहे के पास सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सर्विस रोड पर खड़ी निजी बसों में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने एक के बाद एक कई बसों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में करीब 5 बसें जलकर खाक हो गईं। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्हें करीब 5 किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता था।

स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंचीं और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बसों को भारी नुकसान पहुंचा है।

वेल्डिंग के दौरान भड़की आग, धमाकों से दहशत

प्राथमिक जानकारी के अनुसार बस पार्किंग में खड़ी एक बस में मरम्मत का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि वेल्डिंग के दौरान अचानक बस में आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने आसपास खड़ी अन्य बसों को भी अपनी चपेट में ले लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग लगने के दौरान 4 जोरदार धमाके भी सुनाई दिए। लोगों ने आशंका जताई कि ये धमाके गैस सिलेंडर फटने जैसे थे। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की संभावना भी जताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।

पार्किंग में खड़ी थीं 20 से ज्यादा बसें

हादसे के समय मौके पर 20 से ज्यादा बसें खड़ी थीं। आग फैलने के बाद आनन-फानन में अन्य बसों को वहां से हटाया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। चूंकि बस पार्किंग के आसपास रिहायशी बस्ती है, इसलिए आग लगते ही इलाके में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और सड़क पर भीड़ जमा हो गई।

रहवासियों का विरोध, पार्षद धरने पर बैठे

घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। मनीष शर्मा, जो स्थानीय पार्षद और नगर निगम के एमआईसी सदस्य हैं, रहवासियों के साथ मौके पर धरने पर बैठ गए।

मनीष शर्मा ने आरोप लगाया कि रिहायशी इलाके में निजी बसों की पार्किंग और मरम्मत को लेकर कई बार प्रशासन से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यहां हमेशा बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। पार्षद ने चेतावनी दी कि जब तक बसों को यहां से हटाया नहीं जाता और स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।