Dr. Govind Singh ने CM को लिखा पत्र, पूछा- डकैत खत्म हो गए, फिर भी कानून का इस्तेमाल क्यों?

मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष Dr. Govind Singh ने राज्य सरकार पर लगाए डकैत उन्मूलन कानून के कथित दुरुपयोग के गंभीर आरोप

Dr. Govind Singh ने CM को लिखा पत्र, पूछा- डकैत खत्म हो गए, फिर भी कानून का इस्तेमाल क्यों?

Bhopal। मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष Dr. Govind Singh ने डकैत उन्मूलन कानून के कथित दुरुपयोग को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav को पत्र लिखकर इस कानून को खत्म करने की मांग की है। उनका कहना है कि जिस समस्या को खत्म करने के लिए कानून बनाया गया था, वह अब प्रदेश में नहीं है, लेकिन कानून का इस्तेमाल आज भी लोगों के खिलाफ किया जा रहा है।

Dr. Govind Singh के मुताबिक, Madhya Pradesh Dacoit Eradication and Vyapaharan Prabhavit Kshetra Adhiniyam, 1981 को उस समय लागू किया गया था, जब Gwalior-Chambal और Rewa संभाग में डकैत गिरोह सक्रिय थे। उस दौर में विशेष परिस्थितियों को देखते हुए इस कानून में कड़े प्रावधान किए गए थे।

15 साल पहले खत्म हो चुकी डकैत समस्या

Dr. Govind Singh ने कहा कि करीब 15 साल पहले ही Gwalior-Chambal और Rewa क्षेत्र से डकैतों की समस्या खत्म हो चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan भी डकैत समस्या खत्म होने का ऐलान कर चुके हैं। इसके बावजूद कानून को समाप्त नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री Arjun Singh के कार्यकाल में डकैत उन्मूलन के लिए यह कानून बनाया गया था। बाद में जब प्रदेश में डकैत गिरोह नहीं बचे तो इस कानून की जरूरत भी खत्म हो गई। Dr. Govind Singh ने दावा किया कि वर्ष 2012 में तत्कालीन गृह मंत्री Umashankar Gupta ने विधानसभा में इस कानून को खत्म करने की बात कही थी, लेकिन अब तक यह लागू है।

करीब 1000 युवाओं पर कार्रवाई का दावा

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि वर्ष 2020 से अब तक कई जिलों में इस कानून के तहत करीब 1000 से अधिक प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं। उन्होंने इसे कानून के कथित दुरुपयोग का उदाहरण बताया। उनका कहना है कि सामान्य विवाद और दूसरे मामलों में भी डकैत उन्मूलन कानून की धाराएं जोड़ दी जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि कानून के तहत अग्रिम जमानत पर रोक जैसे कड़े प्रावधान हैं, जिससे आरोपी को कानूनी राहत मिलने में परेशानी होती है। Dr. Govind Singh ने दावा किया कि इससे लोगों के मौलिक अधिकार भी प्रभावित हो रहे हैं।

अवैध खनन के विरोध पर केस का आरोप

Dr. Govind Singh ने Ron क्षेत्र का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि पुलिस संरक्षण में चल रहे कथित अवैध खनन का विरोध करने वाले लोगों पर छह मुकदमे दर्ज किए गए। इनमें डकैत उन्मूलन कानून की धाराएं भी जोड़ दी गईं। उन्होंने इसे कानून के दुरुपयोग का गंभीर मामला बताया। उन्होंने Datia की एक घटना का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आपसी विवाद में करीब 800 रुपये का मोबाइल गिरने के मामले में भी डकैत उन्मूलन कानून की धाराएं लगा दी गईं।

मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग

Dr. Govind Singh ने कहा कि अगर सरकार पहले ही डकैत समस्या खत्म होने की बात कह चुकी है तो ऐसे कानून को बनाए रखने का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं। साथ ही Congress विधायक विधानसभा में भी इस मामले को उठाएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस मामले का समाधान करेंगे और डकैत उन्मूलन कानून के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए उचित कदम उठाएंगे।