FCRA Bill 2026 JPC के पास भेजा गया, Monsoon Session में नहीं होगा पास

FCRA Amendment Bill 2026 को लोकसभा ने 31 सदस्यीय JPC के पास भेज दिया है। जानिए Bill में क्या बदलाव हैं, विपक्ष क्यों कर रहा विरोध और अब आगे क्या होगा।

FCRA Bill 2026 JPC के पास भेजा गया, Monsoon Session में नहीं होगा पास

FCRA Amendment Bill 2026 को लेकर संसद में चल रही सियासी खींचतान के बीच अब सरकार ने इसे Joint Parliamentary Committee यानी JPC के पास भेजने का फैसला किया है। 12 अगस्त को लोकसभा ने Bill को 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। ऐसे में अब यह Bill Monsoon Session में पास नहीं होगा और इस पर आगे की प्रक्रिया Winter Session में होगी।

31 सदस्यीय JPC करेगी Bill की जांच

FCRA Amendment Bill को विस्तार से देखने के लिए बनाई गई JPC में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे। समिति Bill के अलग-अलग प्रावधानों की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट संसद को सौंपेगी।प्रस्ताव के मुताबिक समिति को 2026 के Winter Session के पहले सप्ताह के आखिरी दिन तक अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। इसका मतलब साफ है कि Bill पर अब Monsoon Session में final approval की संभावना नहीं है।BJP, Congress Issue Whips As Parliament Heads For Final-Week Showdown

Bill में क्या बदलाव प्रस्तावित हैं?

Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill 2026 को सरकार ने 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया था। Bill का मुख्य फोकस उन संगठनों के foreign contribution और उससे बनाए गए assets के management पर है, जिनका FCRA registration खत्म हो जाता है।प्रस्तावित बदलावों के तहत एक Designated Authority बनाने की बात कही गई है। अगर किसी organisation का FCRA certificate cancel हो जाता है, organisation खुद registration surrender कर देता है या renewal नहीं होता, तो foreign contribution से बनाए गए assets को लेकर इस Authority की भूमिका होगी। Bill में provisional और permanent vesting का framework भी प्रस्तावित है।

Bill में FCRA violations के लिए maximum imprisonment को पांच साल से घटाकर एक साल करने का प्रस्ताव भी है। इसके अलावा FCRA के तहत investigation शुरू करने से पहले Central Government की approval की जरूरत का प्रावधान भी proposed changes में शामिल है।

Opposition ने Bill वापस लेने की मांग की

Bill को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस सांसद KC Venugopal ने Bill को वापस लेने की मांग की और आरोप लगाया कि इसके जरिए NGOs और minority institutions को निशाना बनाया जा रहा है।समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने भी Venugopal की मांग का समर्थन किया। DMK नेता TR Baalu ने भी Bill वापस लेने की मांग उठाई। विपक्ष की तरफ से Bill के कुछ प्रावधानों को लेकर चिंता जताई जा रही है और इसे लेकर व्यापक चर्चा की मांग की जा रही है।Protests by Opposition forces FCRA climbdown | Daily Pioneer

सरकार ने कहा, Minority Institutions को निशाना नहीं बनाया जा रहा

वहीं सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने कहा कि विपक्ष को Bill को JPC के पास भेजे जाने के फैसले का स्वागत करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि Bill में minority institutions को निशाना बनाने जैसा कुछ नहीं है।सरकार का कहना है कि FCRA में बदलाव का मकसद foreign funding की निगरानी और उसके इस्तेमाल में transparency बढ़ाना है। सरकार के मुताबिक foreign contribution का गलत इस्तेमाल national security और देश के हितों के खिलाफ नहीं होना चाहिए।https://thefederal.com/h-upload/2026/03/31/607577-kiren-rijiju-ls.webp

Assets को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा

Bill का एक अहम हिस्सा foreign contribution से बनाए गए assets को लेकर है। प्रस्तावित framework में अगर किसी organisation का FCRA registration खत्म हो जाता है, तो ऐसे assets पहले Designated Authority के पास provisional तौर पर vest हो सकते हैं। अगर organisation तय समय के भीतर अपना registration restore करा लेता है, तो assets और unused foreign contribution वापस किए जाने का प्रावधान है।वहीं registration restore नहीं होने की स्थिति में assets के permanent vesting का प्रावधान है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद foreign-funded assets के इस्तेमाल और management को लेकर एक स्पष्ट legal framework तैयार करना है।

अब Winter Session में आगे बढ़ेगा Bill

JPC के पास Bill भेजे जाने के बाद अब समिति इसके प्रावधानों की विस्तार से जांच करेगी। समिति की रिपोर्ट Winter Session के पहले सप्ताह के आखिरी दिन तक आने की उम्मीद है। इसके बाद ही Parliament में Bill पर आगे की legislative process शुरू होगी।यानी फिलहाल FCRA Amendment Bill 2026 को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस जारी रहेगी, लेकिन इतना साफ है कि Bill Monsoon Session में पास नहीं होगा। अब इसकी अगली बड़ी तस्वीर JPC की रिपोर्ट और Winter Session में होने वाली चर्चा के बाद ही सामने आएगी।