Devangana Ghati Gangrape: Encounter के 9 घंटे बाद 2 और आरोपी गिरफ्तार, तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

देवांगना घाटी गैंगरेप मामले में एनकाउंटर के 9 घंटे बाद पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. 374 सीसीटीवी, 6000 मोबाइल कॉल डिटेल और तकनीकी जांच के बाद तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं.

Devangana Ghati Gangrape: Encounter के 9 घंटे बाद 2 और आरोपी गिरफ्तार, तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

सतना/चित्रकूट. मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा के पास स्थित देवांगना घाटी में छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. मुख्य आरोपी के एनकाउंटर में पकड़े जाने के करीब 9 घंटे बाद पुलिस ने घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई के साथ अब तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं.

पहले एनकाउंटर में पकड़ा गया था मुख्य आरोपी

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से फरार चल रहे आरोपियों के जंगल में छिपे होने की सूचना मिलने पर शनिवार शाम चित्रकूट पुलिस, एसओजी और बहिलपुरवा थाना पुलिस ने भरतकूप थाना क्षेत्र के मड़फा पहाड़ के हुड़ा रोड के पास घेराबंदी की.

घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी जितेंद्र पटेल उर्फ भोले के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ. मौके से दो देशी तमंचे, तीन जिंदा कारतूस, तीन खोखे और एक बाइक बरामद की गई. हालांकि अंधेरा और जंगल का फायदा उठाकर दो आरोपी वहां से भाग निकले थे.

रात दो बजे दबिश देकर दो और आरोपी पकड़े

मुख्य आरोपी से पूछताछ और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी. शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे मझरिहा तिराहा के पास घेराबंदी कर पुलिस ने विवेक कुमार पटेल और प्रवीण पटेल को गिरफ्तार कर लिया.

चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें और सर्विलांस यूनिट लगातार काम कर रही थीं. सटीक सूचना मिलने के बाद दोनों को बिना किसी बड़े प्रतिरोध के दबोच लिया गया.

374 सीसीटीवी कैमरे और 6 हजार मोबाइल नंबर खंगाले

पुलिस के लिए आरोपियों की पहचान आसान नहीं थी. जांच के दौरान पांच विशेष टीमें गठित की गईं. टीमों ने देवांगना घाटी और आसपास के इलाकों में लगे 374 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की.

साथ ही करीब 6 हजार मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल का विश्लेषण किया गया. पुलिस ने 58 संदिग्धों से पूछताछ की और 18 अलग-अलग स्थानों का निरीक्षण कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए. मुखबिर तंत्र और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई.

घटना के दो दिन बाद हो गई थी पहचान

पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद एडीजी प्रयागराज जोन, डीआईजी बांदा समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था. आरोपियों की गिरफ्तारी पर ₹50 हजार का इनाम भी घोषित किया गया.

सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना के दो दिन बाद यानी 24 जुलाई को तीनों आरोपियों की पहचान कर ली गई थी. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात के बाद वे अलग-अलग स्थानों पर छिपते रहे और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलते रहे.

सोशल मीडिया से हुई थी दोस्ती

पुलिस के अनुसार, 18 वर्षीय पीड़िता सतना जिले की रहने वाली है. उसकी सोशल मीडिया के जरिए चित्रकूट निवासी 17 वर्षीय किशोर से दोस्ती हुई थी. 22 जुलाई को दोनों बाइक से देवांगना घाटी घूमने पहुंचे थे और रील बना रहे थे.

इसी दौरान बाइक से पहुंचे तीन युवकों ने दोनों को रोक लिया. एक आरोपी ने किशोर को बांधकर बेल्ट से पीटा, जबकि दो अन्य आरोपी युवती को झाड़ियों में ले गए और उसके साथ गैंगरेप किया.

पुलिस ने मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. जांच के अन्य पहलुओं पर भी पुलिस की कार्रवाई जारी है.