देशभर में छात्रों की गूंज नाम से 40 दिन का राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर रही कांग्रेस
भोपाल में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता इमरान मसूद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर परीक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा हमला बोला।
कांग्रेस ने देशभर में "छात्रों की गूंज" नाम से 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित पेपर लीक माफिया से संबंधों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
इसी को लेकर 25 जून बुधवार को राजधानी भोपाल में पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर परीक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा हमला बोला। पार्टी का आरोप है कि नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि पिछले कुछ सालों में कई बड़ी परीक्षाएं पेपर लीक विवादों से प्रभावित हुई हैं, जिससे युवाओं का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठ रहा है। पेपर लीक अब अलग-अलग घटनाएं नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय समस्या बन चुकी है। कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ शिक्षा नहीं, बल्कि युवाओं के रोजगार और भविष्य का भी सवाल है, जिसके लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है।
पिछले 10 सालों में देश में 89 पेपर लीक
कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी अभियान "छात्रों की गूंज" 28 शहरों में 40 दिन तक चलेगा। इसी कड़ी में राजधानी भोपाल में NSUI ने भी अभियान की शुरुआत की। जिसका पोस्टर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और NSUI नेता अंशुल त्रिवेदी की मौजूदगी में जारी किया। इस कार्यक्रम में NEET और CBSE की कथित विसंगतियों से प्रभावित छात्र-छात्राओं ने अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए।
कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता इमरान मसूद ने कहा कि सरकारी आंकड़ों और पीआईबी (PIB) रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 सालों में देश में 89 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं से लगभग 6.5 करोड़ युवाओं और उनके परिवारों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इस अवधि में 48 परीक्षाओं को दोबारा आयोजित करना पड़ा, जबकि 22 परीक्षाएं आयोजित होने से पहले ही निरस्त करनी पड़ीं।
कांग्रेस की मांगे क्या है
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
- पेपर लीक नेटवर्क की जांच
- NTA और परीक्षा व्यवस्था का ओवरहॉल
- पेपर सेटिंग से परीक्षा केंद्र तक पूरी प्रक्रिया का ऑडिट
- वेंडर एजेंसियों की भूमिका की जांच
- परीक्षा-रिजल्ट-भर्ती के लिए तय कैलेंडर लागू करना
Varsha Shrivastava 
