CG News: वेदांता प्लांट हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत, जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज होगी FIR

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हुए वेदांता पावर प्लांट हादसे में 20 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे हैं, जिनमें से 16 घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।

CG News: वेदांता प्लांट हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत, जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज होगी FIR

सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को हुए हादसे में अब तक 20 लोगों की जान जा चुकी है। मरने वालों में 4 लोग छत्तीसगढ़ के हैं, वहीं अन्य उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से हैं। इसके अलावा बॉयलर ब्लास्ट होने की वजह से हुए इस हादसे में कुल 36 लोग झुलस गए थे। जिनमें से 16 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है।

घायलों में 12 लोग छत्तीसगढ़ के ही रहने वाले हैं। बाकी बचे लोग बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के हैं। रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में बुधवार को 7 शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया। वहीं 5 मृतकों के परिजनों के नहीं आ पाने के कारण उनका पोस्टमॉर्टम आज (गुरुवार) होगा।

छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन आज रायगढ़ के दौरे पर रहेंगे। मंत्री घायल श्रमिकों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद कलेक्टर और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके पहले श्रम मंत्री ने तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि हादसे के लिए जिम्मेदार दोषियों पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

चेतावनी के बावजूद नहीं रोका काम, अब होगी FIR

इस हादसे के 24 घंटे बाद औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई। विभाग के मुताबिक, प्रोडक्शन दोगुना करने की जल्दबाजी में बॉयलर फटा। पहले से चेतावनी के बाद भी काम नहीं रोका गया, इसके अलावा सिस्टम में खराबी की बात भी सामने आई।

औद्योगिक सुरक्षा विभाग के बॉयलर इंस्पेक्टर उज्जवल गुप्ता और उनकी टीम ने बुधवार को लगभग 6 घंटे तक घटना स्थल की जांच की था और फिर शाम 8 बजे रिपोर्ट एसपी प्रफुल्ल ठाकुर को सौंपी। अब इसी रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की जाएगी।

दोगुना उत्पादन करने के लिए बॉयलर का लोड तेजी से बढ़ाया

हादसा 14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे हुआ था। इस दौरान 2028 TPH क्षमता वाले विशाल वाटर ट्यूब बॉयलर में फर्नेस प्रेशर तेजी से बढ़ा। यह दबाव 1 से 2 सेकेंड के अंदर बढ़ा, जिससे सिस्टम को बंद करना या किसी तकनीकी खराबी को रोकना संभव नहीं था। ये दबाव इतना तेज था कि अंदरूनी विस्फोट हुआ और इसकी चपेट में बाहरी पाइपलाइन भी आ गई।

जांच में सामने आया है कि 1 घंटे में दोगुना उत्पादन करने के लिए बॉयलर का लोड तेजी से बढ़ाया गया था। लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर लगभग 590 मेगावाट किया गया। यह वृद्धि बहुत कम समय में की गई। इतनी तेजी से लोड बढ़ाने के लिए ईंधन और हवा का अधिक सटीक संतुलन जरुरी था, जिसका ध्यान नहीं रखा गया।

जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि उत्पादन बढ़ाने की इस जल्दबाजी ने पूरे सिस्टम को अस्थिर कर दिया। इसके साथ ही पीए फैन में बार-बार खराबी, अनबर्न फ्यूल से प्रेशर बनना, पाइपिंग सिस्टम का फेल होना और बेकअप का समय पर काम नहीं करने का भी जिक्र है। कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने भी मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं और 30 दिन के अंदर रिपोर्ट भी मांगी है।

अगर जांच हुई तो इन  पॉइंट्स पर होगी- 

  • घटना कब और कैसे हुई
  • घटना के लिए कौन जिम्मेदार हैं
  • घटना का तकनीकी या मानवीय क्या कारण है
  • हादसे वाले दिन कौन-कौन मजदूर कार्यरत थे
  • किनकी मौत हुई और कौन घायल हुए
  • प्रशासनिक अधिकारियों ने कब कब प्लांट का निरीक्षण किया
  • क्या कोई खामियां मिली थी, यदि हां तो क्या कार्रवाई की गई
  • भविष्य में इस प्रकार की घटना ना हो, इस रोकने के उपाय और सुझाव

मुआवजे पर भी रार, विपक्ष बोला- 1 करोड़ रुपए दो

वेदांता प्रबंधन ने मृतक परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है, साथ ही घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले PMO ने भी मुआवजे की घोषणा की थी। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। लेकिन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है।