कैलाश जोशी जयंती पर CM ने दी श्रद्धांजलि, विधानसभा सत्र और UCC पर की बात
UCC रिपोर्ट पर CM डॉ. मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला, बोले- अपना रुख स्पष्ट करे विपक्ष
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय कैलाश जोशी जी की जयंती पर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कैलाश जोशी जी के संगठन कौशल, सरल व्यक्तित्व और विभिन्न दायित्वों के सफल निर्वहन को याद करते हुए कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन और कार्यशैली सदैव प्रेरणादायी रही है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि UCC के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है और अब कांग्रेस को भी इस विषय पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए।
UCC पर कांग्रेस से मांगा स्पष्ट जवाब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों ने अपने सुझाव और विचार रखे हैं, लेकिन कांग्रेस ने अभी तक इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर विषय को हिंदू-मुस्लिम और वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से देखती है।
सीएम ने कहा कि UCC हो या भोजशाला जैसे विषय, कांग्रेस का रवैया दोहरे मापदंड वाला रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल होने के नाते कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि वह समान नागरिक संहिता को लेकर क्या सोचती है और उसकी नीति क्या है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार UCC रिपोर्ट का अध्ययन करेगी और इसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट विधानसभा में भी प्रस्तुत की जाएगी, ताकि इसके प्रावधानों और वास्तविकताओं की जानकारी सदन के माध्यम से सामने आ सके।
3 खंडों में तैयार हुई UCC समिति की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने बताया कि UCC के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने 13 जुलाई को अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी है। उन्होंने समिति के अध्यक्ष और सभी सदस्यों को निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट तैयार करने के लिए धन्यवाद दिया।
समिति की रिपोर्ट को तीन खंडों में तैयार किया गया है। समिति ने अपनी अनुशंसाओं में अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता के दायरे से बाहर रखने की सिफारिश भी की है। अब सरकार रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।
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20 जुलाई से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र
वहीं, मध्य प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधानसभा का सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है और उम्मीद है कि यह सत्र सार्थक रहेगा।
नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों मिलकर अनुशासन और मर्यादा का पालन करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिले और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित हो। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र की समय सीमा निर्धारित होती है, लेकिन उसी समय के भीतर सभी सदस्यों को पर्याप्त अवसर देने का प्रयास किया जाता है।
अनुपूरक बजट और नए कानूनों पर होगी चर्चा
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि इस सत्र में सरकार की ओर से अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके अलावा कुछ नए कानून भी सदन में लाए जाएंगे, जिन पर विस्तृत चर्चा के बाद प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
छोटे सत्र को लेकर पूछे गए सवाल पर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि वर्षाकालीन सत्र सामान्य तौर पर छोटे होते हैं, लेकिन महत्वपूर्ण यह होता है कि सदन में कामकाज कितने घंटे और कितनी गंभीरता से होता है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र कई मायनों में महत्वपूर्ण रहने वाला है, जहां बजट, नए कानूनों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होगी। अब सभी की नजरें विधानसभा की कार्यवाही पर रहेंगी।
Varsha Shrivastava 
