भोपाल में टैक्सी हड़ताल जारी, किराया बढ़ाने और ओला-उबर-रैपिडो पर नियम लागू करने की मांग

भोपाल में टैक्सी हड़ताल जारी है। चालक किराया बढ़ाने, ओला-उबर-रैपिडो की किराया व्यवस्था पर स्पष्ट नियम बनाने और प्राइवेट नंबर के वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक की मांग कर रहे हैं। यूनियन ने परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मुलाकात की है। अब बातचीत के बाद हड़ताल पर अगला फैसला होगा।

भोपाल में टैक्सी हड़ताल जारी, किराया बढ़ाने और ओला-उबर-रैपिडो पर नियम लागू करने की मांग

भोपाल में टैक्सी चालकों की हड़ताल बुधवार को भी जारी है। मंगलवार रात 12 बजे से टैक्सी संचालन बंद है। बुधवार को टैक्सी संगठनों ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद यूनियन पदाधिकारियों ने परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मुलाकात की। मंत्री से बातचीत के बाद हड़ताल खत्म होगी या आगे जारी रहेगी, इस पर फैसला होगा।

टैक्सी यूनियनों की सबसे बड़ी मांग किराया बढ़ाने और सरकार द्वारा किराया तय करने की है। चालकों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल, सीएनजी, वाहन की किस्त, बीमा और रखरखाव का खर्च बढ़ गया है, लेकिन उन्हें मिलने वाला किराया पर्याप्त नहीं है। इसलिए सरकार ऐसा किराया तय करे, जिससे चालक को खर्च निकालने के बाद उचित कमाई हो सके।

ओला-उबर-रैपिडो की मनमानी पर रोक की मांग

यूनियन ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी कैब कंपनियों की किराया व्यवस्था पर स्पष्ट नियम बनाने की मांग की है। चालकों का कहना है कि कंपनियों को सरकार द्वारा तय किराये के अनुसार ही सेवा संचालित करनी चाहिए। एग्रीगेटर कंपनियों की किराया नीति और ड्राइवर की कमाई को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की मांग की गई है।

प्राइवेट नंबर के वाहनों पर कार्रवाई

टैक्सी संगठनों ने प्राइवेट नंबर वाले कार और बाइक के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग भी की है। यूनियन का कहना है कि कमर्शियल टैक्सी संचालक परमिट, फिटनेस, बीमा और अन्य नियमों का पालन करते हैं, जबकि प्राइवेट नंबर के वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल से उन्हें नुकसान हो रहा है।

मंगलवार की बैठक में नहीं निकला समाधान

मंगलवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों और टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। इसमें टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के सचिव नफीस उद्दीन और भोपाल टैक्सी चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में किराया, एग्रीगेटर कंपनियों और प्राइवेट वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन हड़ताल खत्म करने पर सहमति नहीं बन सकी।

यात्रियों की बढ़ी परेशानी

हड़ताल का असर भोपाल की कैब सेवा पर पड़ा है। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और शहर के अन्य इलाकों में यात्रियों को कैब मिलने में परेशानी हो रही है। कई यात्रियों को ऑटो और दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

अब सभी की नजर परिवहन मंत्री के साथ हुई बातचीत के नतीजे पर है। सरकार यदि किराया और एग्रीगेटर कंपनियों से जुड़े मुद्दों पर ठोस आश्वासन देती है तो हड़ताल खत्म हो सकती है, अन्यथा टैक्सी संगठन आंदोलन आगे बढ़ाने का फैसला ले सकते हैं।