भोपाल में पल्स पोलियो अभियान शुरू: 3.32 लाख बच्चों को पिलाई जा रही दो बूंद जिंदगी की, 2710 बूथ बनाए गए

भोपाल में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 5 साल तक के करीब 3.32 लाख बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जा रही है. जिलेभर में 2710 बूथ बनाए गए हैं, जबकि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भी विशेष पोलियो बूथ और मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं.

भोपाल में पल्स पोलियो अभियान शुरू: 3.32 लाख बच्चों को पिलाई जा रही दो बूंद जिंदगी की, 2710 बूथ बनाए गए

भोपाल। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार को भोपाल जिले में पांच साल तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जा रही है. इस बार जिले में करीब 3.32 लाख बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए 2710 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें सुबह से ही बच्चों को दवा पिला रही हैं.

रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में भी पहुंचा अभियान

स्वास्थ्य विभाग ने आंगनवाड़ी केंद्रों, सरकारी और निजी अस्पतालों, शॉपिंग मॉल, प्रमुख बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर भी पोलियो बूथ बनाए हैं, ताकि कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रहे. वहीं पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने 28 से 30 जून तक विशेष अभियान चलाते हुए भोपाल, इटारसी, बीना, गुना और गंजबासौदा समेत प्रमुख स्टेशनों पर 22 पोलियो बूथ लगाए हैं. इसके अलावा मोबाइल टीमें झेलम एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में सफर कर रहे बच्चों को भी पोलियो की दवा पिला रही हैं.

घर-घर पहुंच रहीं मोबाइल टीमें

ईंट भट्टों, निर्माण स्थलों, क्रेशर क्षेत्रों और घुमक्कड़ आबादी जैसे हाई रिस्क इलाकों के लिए विशेष मोबाइल टीमें बनाई गई हैं. ये टीमें घर-घर जाकर और चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर पांच साल तक के बच्चों को पोलियो की खुराक दे रही हैं.

पहले दिन ही दवा पिलाने की अपील

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि भारत के कुछ पड़ोसी देशों में अभी भी पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में हर बच्चे को पोलियो की खुराक देना बेहद जरूरी है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच साल तक के बच्चों को पहले ही दिन नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर दवा जरूर पिलाएं.

2014 से पोलियो मुक्त है मध्य प्रदेश

जेपी अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश अहीरवाल ने बताया कि मध्य प्रदेश वर्ष 2014 से पोलियो मुक्त है. उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान हर पांच साल तक के बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा जरूर पिलाई जाए. उनका कहना है कि समय पर टीकाकरण से पोलियो जैसी गंभीर बीमारी और उससे होने वाली स्थायी विकलांगता को पूरी तरह रोका जा सकता है.