भोपाल में 23 मार्च को शहर सरकार का मेगा बजट:14 नई पार्किंग का प्लान

23 मार्च का बजट भोपाल के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। जहां कचरे के बड़े संकट को खत्म करने, ट्रैफिक सुधारने और शहर को बेहतर बनाने की दिशा में एक साथ कई बड़े फैसले लिए जाने वाले हैं।

भोपाल में 23 मार्च को शहर सरकार का मेगा बजट:14 नई पार्किंग का प्लान

भोपाल: शहर के विकास को प्राथमिकता देते हुए भोपाल नगर निगम आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में बड़ा संरचनात्मक बदलाव करने की तैयारी में है। इस बार बजट में मेयर फंड सहित करीब 12 बजट मदों को खत्म किया जा सकता है, ताकि राशि का बेहतर उपयोग विकास कार्यों में किया जा सके। राहत की बात यह है कि नगर निगम फिलहाल प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की योजना नहीं बना रहा है। इस बार बजट में बड़े और असरदार फैसले लिए जाएंगे।
सबसे बड़ा प्रस्ताव आदमपुर खंती में वर्षों से जमा लेगेसी वेस्ट को खत्म करने का है। इसके लिए करीब 55.54 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग 6.5 लाख मीट्रिक टन कचरे का निपटान कर 33 एकड़ जमीन को रिक्लेम किया जाएगा।

23 मार्च को हो सकता है बजट पेश होगा

नगर निगम का बजट 23 मार्च को पेश किया जाना प्रस्तावित है। बजट की तैयारियां नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन की निगरानी में चल रही हैं और 16 मार्च तक ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया गया था।

मेयर मालती राय का चौथा बजट

यह बजट मेयर मालती राय के कार्यकाल का चौथा बजट होगा। पिछले दो सप्ताह से निगम अधिकारी लगातार बैठकों के जरिए शहर की जरूरतों और प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे, ताकि बजट में प्राथमिकताओं के आधार पर प्रावधान किए जा सकें।

बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा जोर

अधिकारियों के अनुसार इस बार बजट में सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व्यवस्था, पार्क और तालाबों के संरक्षण जैसे बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर रहेगा।

इन परियोजनाओं के लिए भी प्रस्ताव

इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान, शहर के प्रवेश द्वारों पर हेरिटेज गेट, गीता भवन के विकास, नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, विसर्जन घाटों के सुधार, जलभराव वाले क्षेत्रों में ड्रेनेज व्यवस्था और प्रमुख सड़कों व पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए भी राशि प्रस्तावित की जाएगी।

4000 करोड़ के पार जा सकता है बजट

सूत्रों के मुताबिक इस बार नगर निगम का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए से अधिक हो सकता है, जो पिछले साल के लगभग 3600 करोड़ रुपए के बजट से बड़ा होगा। शहर के विकास कार्यो में AMRUT 2.0 योजना से मिलने वाली राशि भी अहम भूमिका निभा सकती है।

खर्च नहीं होने वाली मदें होंगी खत्म

बजट समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ मदों में हर साल राशि रखी जाती है, लेकिन उसका उपयोग नहीं हो पाता। इसी वजह से आयुक्त संस्कृति जैन ने ऐसे करीब 12 बजट हेड खत्म करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बजट का अधिक प्रभावी इस्तेमाल हो सके और विकास कार्यों को गति मिल सके।

देरी के बाद अब हर हाल में पूरा होगा काम

इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले भी दो बार एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन काम शुरू नहीं हो सका। देरी के कारण नगर निगम पर 1.80 करोड़ रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का भी खतरा बना। अब नई एजेंसी को 330 दिनों की समयसीमा में काम पूरा करने की सख्त शर्त दी गई है।

145 पुराने वाहन होंगे खत्म

बजट में निगम के 145 पुराने और अनुपयोगी वाहनों को स्क्रैप करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इससे मेंटेनेंस का खर्च घटेगा और नए वाहनों के जरिए कामकाज में तेजी आएगी।

ट्रैफिक सुधार के लिए बड़ा प्लान

शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए 14 नए पार्किंग स्थलों को विकसित करने की योजना बनाई गई है। इन्हें ई-टेंडर के जरिए संचालित किया जाएगा, जिससे पार्किंग की समस्या कम होगी और निगम की आय में भी बढ़ोतरी होगी।बैठक में 14 नई पार्किंग को लेकर प्रस्ताव आएगा। इनमें से 5 पार्किंग मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रस्तावित की गई है। जहां 40 फोर व्हीलर और 250 टू व्हीलर्स खड़े किए जा सकेंगे। 16 मार्च को हुई मेयर इन कौंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी।

कोर्ट के आदेशों का दबाव

एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के चलते नगर निगम पर लेगेसी वेस्ट हटाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नियमों का पालन करने का दबाव है। यही वजह है कि इस बार बजट में इन प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी गई है।