चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा पर CM मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं, इंदौर से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज हिंदू नव वर्ष और गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर नमन किया और अपने दिनचर्या की शुरुआत की।

चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा पर CM मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं, इंदौर से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का करेंगे शुभारंभ

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083 और गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर अपने दिन की शुरुआत की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर सभी के कल्याण की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक संदेश साझा करते हुए लिखा कि देवी मां दुर्गा की आराधना का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और आनंद लेकर आए। उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि उनके आशीर्वाद से प्रदेशवासियों के सभी कष्ट दूर हों और हर घर में खुशहाली का वास हो।

इंदौर और उज्जैन के दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री

इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 19 मार्च को इंदौर और उज्जैन के दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 10 बजे भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत सूर्य उपासना कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे 11 बजे विधानसभा में आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में भाग लेंगे।

दोपहर 12:20 बजे मुख्यमंत्री इंदौर पहुंचेंगे, जहां वे करीब 1 से 2 बजे के बीच बंगाली चौराहा और ग्राम निपानिया (सांवेर) में विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। खास बात यह है कि गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री इंदौर के इस्कॉन मंदिर से राज्य स्तरीय “जल गंगा संवर्धन अभियान” का शुभारंभ करेंगे।

यह अभियान प्रदेश में जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। करीब साढ़े तीन माह तक चलने वाले इस अभियान का समापन 30 जून को होगा। इस दौरान प्रदेशभर में लगभग 2500 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे। अभियान में 18 विभागों की भागीदारी होगी और सभी 55 जिलों में इसे लागू किया जाएगा।

अभियान के तहत 10 हजार से अधिक चेक डैम और स्टॉप डैम के संधारण पर विशेष जोर दिया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया गया है, जबकि मनरेगा के माध्यम से खेत तालाब और अमृत सरोवर बनाए जाएंगे। साथ ही शहरी क्षेत्रों में अमृत 2.0 योजना के तहत जल संरक्षण के कार्य किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री का उज्जैन दौरा भी महत्वपूर्ण रहेगा, जहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शाम को वे तरणताल और नैवेद्यम के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लेंगे तथा विक्रमोत्सव 2026 के तहत रामघाट पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में भी उपस्थित रहेंगे।