इंदौर अग्निकांड: मुक्तिधाम में एक साथ जलीं 7 चिताएं, PM मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान
EV चार्जिंग के दौरान जला घर। 8 लोगों की मौत, 4 लोग घायल। घर में लगा डिजिटल लॉक समय पर नहीं खुल पाने से अंदर फंस गए थे लोग।
इंदौर अग्निकांड में जान गंवाने वालों आज परिजनों ने भारी मन से विदाई दी। तिलकनगर मुक्तिधाम में जब एक साथ 7 चिताएं जलीं तो सभी की आंखें नम हो गई। बुधवार तड़के 3:30 से 4 बजे के बीच एक मामूली लापरवाही ने पूरे परिवार के लिए बड़ा हादसा खड़ा कर दिया।

इंदौर भीषण अग्निकांड में मृतकों के परिवार वालों ने तिलकनगर मुक्तिधाम में शवों का अंतिम संस्कार किया। एक साथ 7 चिताएं जलीं। वहीं, बच्चे के शव को दफनाया गया है, जिसे बॉक्स में रखकर लाया गया था। इससे पहले सभी शवों का एमवाय अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया था।
PM ने किया मुआवजे का ऐलान, CM ने जताया दुख
इंदौर हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें रबर कारोबारी मनोज पुगलिया और उनकी गर्भवती बहू सिमरन भी शामिल हैं। मारे गए लोगों में छह रिश्तेदार थे। वहीं 4 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुख जताया और मुआवजे का ऐलान किया। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता सरकार की तरफ से दी जाएगी।

वहीं, इंदौर में हुई इस दुर्घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त किया और हादसे में दिवंगत नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि दी।
इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है। हादसे में दिवंगत नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 18, 2026
ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।
अग्निकांड की जांच तेज, शहर में सीनियर IAS-IPS
इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है और अग्निकांड की जांच भी तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीनियर आईएएस अधिकारी अनुपम राजन और सीनियर आईपीएस अधिकारी आदर्श कटियार भोपाल से इंदौर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और इंदौर पुलिस कमिश्नर और कलेक्टर से पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली। प्रशासन ने इस मामले में फॉरेंसिक जांच को सबसे अहम मानते हुए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं, ताकि आग लगने के कारणों का सटीक पता लगाया जा सके। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल प्रशासन हर एंगल से मामले की जांच में जुटा हुआ है।

घटना ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी, बंगाली चौराहे के पास स्थित ब्रजेश्वरी एनेक्स में हुई। हादसे के समय घर में पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था। बिहार के किशनगंज से आए रिश्तेदार भी घर में मौजूद थे। इस कारण आग और विस्फोट में जनहानि का आंकड़ा और बढ़ गया।

पुलिस और फायर ब्रिगेड के अनुसार, घर के बाहर चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक कार में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। आग की लपटें इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
आग के दौरान घर में रखे गैस सिलेंडरों में विस्फोट हो गया, जिससे धमाके की आवाज पूरे इलाके में सुनाई दी। धमाका इतना जोरदार था कि मकान का एक हिस्सा भी ढह गया। इसके अलावा, फ्रिज और अन्य उपकरणों के कंप्रेशर में भी ब्लास्ट हुआ।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। फायर ब्रिगेड और पुलिस के अधिकारी तुरंत आग पर काबू पाने में जुट गए। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि, पूरी घटना की गहराई से जांच की जा रही है। पड़ोसी मानोजा शर्मा ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि घर में सो रहे लोग बाहर निकलने में असमर्थ रहे।
फायर ब्रिगेड और पुलिस ने घर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और सभी प्रभावितों को राहत देने में जुटी हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि आग और धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा।

इस हादसे में डिजिटल लॉक ने बचाव कार्य में बाधा डाली। घर के मुख्य दरवाजे और गेट लॉक होने के कारण अंदर सो रहे कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल पाए। फायर ब्रिगेड की टीम ने बताया कि लॉक खुलाने में उन्हें काफी मुश्किलें हुईं, जिससे कुछ लोग बाहर निकलने में देर हो गई।

इसके अलावा मौके पर प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे। कलेक्टर शिवम वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और मंत्री तुलसी सिलावट एवं कैलाश विजयवर्गीय ने स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्यों की निगरानी की। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, यह पूरी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। फायर टीम का रिस्पॉन्स टाइम अच्छा था, लेकिन डिजिटल लॉक के कारण शुरुआती बचाव में बाधा आई।

