मध्यप्रदेश के कृषि विभाग में 60% पद खाली,जीतू पटवारी ने पीएम को लिखा पत्र

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेन्द्र (जीतू) पटवारी ने सरकार के “कृषक कल्याण वर्ष” के ऐलान को कड़वा मजाक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कृषि विभाग में हजारों खाली पदों पर चिंता जताई है।

मध्यप्रदेश के कृषि विभाग में 60% पद खाली,जीतू पटवारी ने पीएम को लिखा पत्र

भोपाल:मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र (जीतू) पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” घोषित करने को कड़वा मजाक बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के कृषि और संबंधित विभागों में हजारों खाली पदों का मुद्दा उठाया और चेतावनी दी कि इस वजह से किसानों के हितों पर खतरा है।

मध्यप्रदेश के कृषि विभाग में 60% पद खाली

पटवारी के अनुसार, कृषि विभाग के 14,537 स्वीकृत पदों में से 8,468 पद खाली हैं, यानी लगभग 60% अमला अनुपस्थित है। विशेष रूप से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जैसे अहम पद खाली होने के कारण फसल नुकसान सर्वे, सॉइल हेल्थ कार्ड और अन्य योजनाएं सही तरीके से लागू नहीं हो पा रही हैं।

किसानों तक योजनाएं पहुंचने में बड़ी बाधा

सिर्फ कृषि विभाग ही नहीं, बल्कि अन्य जुड़े विभागों की स्थिति भी चिंताजनक है। उद्यानिकी विभाग में 47%, मत्स्य पालन में 56%, पशुपालन एवं डेयरी में 22% पद खाली हैं। खाद्य विभाग, कृषि अभियांत्रिकी, मंडी बोर्ड और अन्य संस्थाओं में भी आधे से ज्यादा पद खाली हैं। पटवारी ने कहा कि केवल घोषणाओं और नारों के भरोसे किसानों का कल्याण संभव नहीं है।

शिवराज और मोहन सरकार पर पटवारी का निशाना

पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि चौहान दो दशकों तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद कृषि तंत्र मजबूत नहीं कर पाए और वर्तमान मुख्यमंत्री भी केवल घोषणाओं पर निर्भर हैं। इस कारण प्रदेश का कृषि तंत्र खाली पदों और कमजोर प्रशासन की वजह से जूझ रहा है।

पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री से तीन मांगें रखी: 

  1. मध्यप्रदेश के कृषि और संबंधित विभागों में रिक्त पदों की तुरंत समीक्षा कराई जाए।
  2. किसानों से जुड़े विभागों में भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने के राज्य सरकार को निर्देशित किया जाए।
  3. मैदानी स्तर पर कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय रणनीति तैयार की जाए।

इन विभागों में भी पद खाली

उद्यानिकी विभाग: 3,079 पदों में से 1,459 पद रिक्त, मत्स्य पालन में 1,290 पदों में से 722 पद खाली हैं,पशुपालन एवं डेयरी विभाग में 7,992 पदों में से 1,797 पद रिक्त हैं,खाद्य विभाग में जिला कार्यालयों में 598 पदों के मुकाबले मात्र 245 कर्मचारी कार्यरत हैं। वही कृषि अभियांत्रिकी  विभाग  1,065 पदों में से 557 पद खाली पड़े हैं हुए है।

कृषि तंत्र सुधारने की केंद्र से मांग

पटवारी ने आगे लिखा कि सरकारी खाली पदों के कारण किसानों को मौसम और बाजार अस्थिरता के साथ-साथ नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस गंभीर स्थिति को संज्ञान में लेकर उचित कदम उठाएगी।