MPNews:एक साल में तैयार होंगे भाजपा के नए दफ्तर, 6 अप्रैल को एक साथ होगा भूमिपूजन

भाजपा प्रदेश के 18 जिलों में आधुनिक जिला कार्यालय बनाने जा रही है, जिनका भूमिपूजन 6 अप्रैल को होगा। करीब डेढ़ से ढाई करोड़ की लागत से बनने वाले ये हाईटेक भवन एक साल में तैयार कर 2027 तक उपयोग में लाए जाएंगे।

MPNews:एक साल में तैयार होंगे भाजपा के नए दफ्तर, 6 अप्रैल को एक साथ होगा भूमिपूजन

भोपाल:भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के 18 जिलों में नए और आधुनिक जिला कार्यालय बनाने जा रही है। इन सभी कार्यालयों का निर्माण एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 6 अप्रैल को भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर सभी जिलों में एक साथ भूमिपूजन किया जाएगा, जिसे पार्टी बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी में है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे नए कार्यालय

पार्टी हर जिला कार्यालय के निर्माण पर करीब डेढ़ से ढाई करोड़ रुपए खर्च करेगी। इन भवनों को आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से पूरी तरह लैस किया जाएगा, ताकि संगठनात्मक कामकाज को और अधिक प्रभावी व व्यवस्थित बनाया जा सके। प्रत्येक कार्यालय में बड़े मीटिंग हॉल, अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम, डिजिटल सिस्टम, कंप्यूटर कक्ष और कार्यकर्ताओं के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। इसके साथ ही पार्टी की बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। कुछ जिलों में जरूरत के अनुसार छोटे गेस्ट रूम की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे बाहर से आने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को ठहरने में आसानी हो सके।

जिले की जरूरत के अनुसार तय होगा भवन का आकार

इन नए कार्यालयों का निर्माण 8 हजार से 12 हजार वर्गफीट क्षेत्र में किया जाएगा। जिन जिलों में संगठनात्मक गतिविधियां ज्यादा हैं, वहां बड़े भवन बनाए जाएंगे, जबकि छोटे जिलों में अपेक्षाकृत छोटे कार्यालय तैयार किए जाएंगे। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने इसे प्राथमिकता में रखा है। लक्ष्य है कि सभी कार्यालयों का निर्माण एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाए, ताकि 2027 तक इनका उपयोग पूरी तरह शुरू हो सके और संगठन को मजबूत आधार मिल सके।

इन जिलों में बनाए जाएंगे नए कार्यालय

इन कार्यालयों का निर्माण प्रदेश के कई जिलों में किया जाएगा, जिनमें प्रमुख रूप से सीधी, शहडोल, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पन्ना, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, बालाघाट, सिंगरौली और आगर-मालवा शामिल हैं।