पदभार ग्रहण से पहले नवनियुक्त निगम नेता प्रतिपक्ष का भाई गिरफ्तार, पढ़ें इंदौर क्राइम की आज की खबरें
कनाड़िया थाना क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये की विवादित जमीन को लेकर पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
नगर निगम नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट का भाई गिरफ्तार
इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष का पद संभालने से पहले ही कांग्रेस और पुलिस के बीच टकराव तेज हो गया है। नव-नियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनीला मिमरोट भाटिया के पदभार ग्रहण से ठीक पहले उनके भाई बादशाह मिमरोट की गिरफ्तारी ने सियासी माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून के तहत की गई है। अब यह मामला केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं, बल्कि शहर की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है।

दरअसल, इंदौर के कलेक्टर कार्यालय पर 18 जून को राज्यसभा चुनाव के नामांकन रद्द होने के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की गई। इसी मामले में पंढरीनाथ थाना पुलिस ने सोनीला मिमरोट, उनके भाई बादशाह मिमरोट सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
नेता प्रतिपक्ष का पदभार ग्रहण करने से कुछ घंटे पहले पुलिस ने बादशाह मिमरोट को गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस ने इसे सुनियोजित राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज हुआ है और उसी के आधार पर कार्रवाई की गई है।अब पदभार ग्रहण से पहले शुरू हुआ यह विवाद नगर निगम की राजनीति में नए टकराव का संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा सदन से लेकर सड़क तक और अधिक गरमा सकता है।
पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के मामले में 4 आरोपी हुए गिरफ्तार
इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये की विवादित जमीन को लेकर पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 22 जून की रात डायमंड कॉलोनी में हुई थी, जब जमीन विवाद की सूचना मिलने पर डायल-112 के आरक्षक विजयपाल सिकरवार और आशीष शर्मा मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपियों ने दोनों पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया, जिसमें दोनों जवान घायल हो गए थे। अब पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

कनाड़िया थाना पुलिस ने इस मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों की पहचान कर चार आरोपियों मोहसिन, मोहम्मद अफजल शेख, दर्शन कचनारे और चंदन वर्मा को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों की संलिप्तता सामने आने पर घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया गया। फिलहाल, चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर हवालात में रखा गया है। पुलिस अब उनका रिमांड लेकर यह पता लगाएगी कि हमले की साजिश किसने रची, इसमें और कौन-कौन शामिल था और विवादित जमीन पर कब्जे के पीछे किसका हाथ है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
बसों में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार
इंदौर में बसों में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह घटना बस मालिकों के बीच चल रहे आपसी विवाद का परिणाम थी। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल दो अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

इंदौर पुलिस ने बसों में तोड़फोड़ की घटना में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि बस संचालकों और मालिकों के बीच लंबे समय से चल रहे आपसी विवाद के चलते आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललित, राजा, राहुल और नीरज के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने भंवरकुआ थाना क्षेत्र में एक बस में तोड़फोड़ की थी। इसे लेकर बस ऑपरेटर पुलिस कमिश्नर से मिलने भी पहुंचे थे।

मामले में अन्य थाना क्षेत्र में भी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया था। जिसकी एफआईआर अलग-अलग जगह दर्ज है और जिसकी जांच जारी है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। डीसीपी सुनील मेहता ने कहा कि इंदौर में किसी भी तरह की गुंडागर्दी या कानून हाथ में लेने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी व्यक्ति शांति व्यवस्था भंग करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
सराफा बाजार में गिरवी रखे गए सोने को बदलने के आरोप ने फैलाई सनसनी
इंदौर के सराफा बाजार में गिरवी रखे गए सोने को बदलने के आरोप ने सनसनी फैला दी है। फरियादी मनीष भंडारी की शिकायत पर पुलिस ने डीएस ज्वैलर्स के दो संचालकों के खिलाफ अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि 160 ग्राम सोना गिरवी रखने के बाद जरूरत पूरी होने पर जब फरियादी ने 7.10 लाख रुपये लौटाकर अपना सोना वापस लिया, तो जांच में पता चला कि उसे उसका मूल सोना नहीं, बल्कि बदला हुआ सोना सौंप दिया गया।

सराफा क्षेत्र में संचालित डीएस ज्वैलर्स के खिलाफ अमानत में खयानत का सनसनीखेज मामला दर्ज किया गया है। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि फरियादी मनीष भंडारी ने अपनी जरूरत के चलते करीब 160 ग्राम सोना डीएस ज्वैलर्स के पास गिरवी रखा था। इसके एवज में उसे 7 लाख 10 हजार रुपये दिए गए थे। कुछ समय बाद जब मनीष ने पूरी राशि लौटाकर अपना सोना वापस लिया, तो जांच में पता चला कि उसे उसका मूल सोना नहीं लौटाया गया। आरोप है कि ज्वैलर्स संचालकों ने असली सोने की जगह दूसरा सोना थमा दिया।

इसके बाद पीड़ित ने सराफा थाने में शिकायत दर्ज कराई। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला अमानत में खयानत का पाया गया। पुलिस ने डीएस ज्वैलर्स के संचालक राज महाजन और मनोहर साथी के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। दोनों को मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी गई है। सोने की शुद्धता, गिरवी रखे गए आभूषण और लौटाए गए सोने की जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
बिना वैध लाइसेंस शराब परोसने वाले क्लब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
इंदौर में बिना वैध लाइसेंस शराब परोसने वाले एक क्लब के खिलाफ लसूड़िया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना क्षेत्र की आनंद विहार कॉलोनी स्थित एक द ग्रेटिस क्लब पर देर रात छापेमारी कर पुलिस ने अवैध रूप से शराब परोसे जाने का खुलासा किया। मामले में जब पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद लोग अलग अलग जगह छुपते मिले, जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर क्लब संचालक और प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

दरअसल इंदौर के लसूड़िया थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि आनंद विहार कॉलोनी स्थित द ग्रेटिस क्लब में बिना वैध लाइसेंस ग्राहकों को शराब परोसी जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने देर रात क्लब पर दबिश दी। जांच के दौरान मौके पर शराब परोसे जाने की पुष्टि हुई, जबकि क्लब के पास इसके लिए आवश्यक वैध लाइसेंस मौजूद नहीं था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए क्लब संचालक राहुल राठौर और प्रबंधक संतोष नागर के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि प्रतिष्ठान का संचालन एक सामान्य रेस्टोरेंट के रूप में किया जा रहा था, लेकिन नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से शराब परोसी जा रही थी। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि शहरभर में ऐसे क्लब, पब और रेस्टोरेंट की विशेष जांच की जाएगी और बिना लाइसेंस शराब परोसने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी, मौके पर लसूडिया थाना पुलिस जब कार्रवाई करने पहुंचे तो वहां मौजूद लड़के और लड़कियां छूपते हुए नजर आए है।
265 ग्राम ब्राउन शुगर, 8 किलो गांजा और 19 लाख रुपये नकद जब्त
इंदौर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के घर से करोड़ों के अवैध कारोबार से जुड़े सबूत, भारी मात्रा में ब्राउन शुगर, गांजा, लाखों की नकदी और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।

द्वारकापुरी थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। 22 जून को गिरफ्तार किए गए लकी नाथ से पूछताछ के दौरान चेतन नाथ का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर राजवाड़ा क्षेत्र से मुख्य आरोपी चेतन नाथ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के घर की तलाशी में करीब 265 ग्राम ब्राउन शुगर, लगभग 8 किलोग्राम गांजा, नोट गिनने की मशीन, 22 जिंदा कारतूस और 19 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार कारतूस तो मिले हैं, लेकिन कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त था और उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह राजेंद्र नगर और धार जिले के नौगांव थाने के मामलों में भी फरार चल रहा था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगा रही है कि नशे का सामान कहां से लाया जाता था और किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जाती थी। साथ ही पूरे तस्करी नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की भी जांच जारी है।
शराब पार्टी बनी मौत की वजह, दोस्तों ने चाकू मारकर की हेमू जाट की हत्या
इंदौर में शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद ने एक युवक की जान ले ली। सिद्धार्थ नगर में दोस्तों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दो साथियों ने अपने ही दोस्त हेमू जाट पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल हेमू की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दरअसल, इंदौर के गांधीनगर थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ नगर में रविवार सुबह शराब पार्टी के दौरान एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। जानकारी के मुताबिक, हेमू जाट अपने साथी राजू और एक अन्य दोस्त के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर तीनों के बीच विवाद हो गया।

विवाद इतना बढ़ा कि दोनों आरोपियों ने हेमू जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल हेमू को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आज इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी आपस में दोस्त थे और उनके बीच कोई पुरानी रंजिश नहीं थी। पुलिस का कहना है कि शराब पार्टी के दौरान हुए अचानक विवाद के चलते वारदात हुई। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
खजराना में मारपीट का वीडियो वायरल, चाकू लहराने का आरोप
इंदौर में युवकों के बीच मारपीट और चाकूबाजी के प्रयास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। दरअसल, खजराना थाना क्षेत्र में मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस के अनुसार वीडियो का सत्यापन करने पर यह घटना खजराना क्षेत्र की ही पाई गई।

मामले में फरियादी अंजुमन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पड़ोसी सोनू ने उसके साथ मारपीट की और विवाद के दौरान चाकू भी लहराया और मारने की कोशिश भी करी थी। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल अंजुमन का मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन एमएलसी रिपोर्ट में किसी गंभीर या जाहिरा चोट की पुष्टि नहीं हुई। इसके आधार पर पुलिस ने मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी सोनू फरार है और उसकी तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Varsha Shrivastava 
