Anika Sharma के इलाज पर HC सख्त, सरकार से शेष राशि जुटाने का समाधान मांगा

SMA Type-2 से जूझ रही है अनिका की 9.50 करोड़ के इंजेक्शन के लिए जंग, माता-पिता की मदद के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, कोर्ट में देना है डॉक्यूमेंट्स

Anika Sharma के इलाज पर HC सख्त, सरकार से शेष राशि जुटाने का समाधान मांगा

Indore की तीन साल की Anika Sharma दुर्लभ बीमारी Spinal Muscular Atrophy (SMA) Type-2 से जूझ रही है। उसके इलाज के लिए अमेरिका से आने वाले एक विशेष इंजेक्शन की जरूरत है। इसकी कीमत करीब 9.50 करोड़ रुपए बताई गई है। परिवार और लोगों की मदद से इलाज की रकम का बड़ा हिस्सा जुटाया जा चुका है, लेकिन पूरी राशि नहीं होने के कारण इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ाने में परेशानी आ रही है।

मध्यप्रदेश High Court की Indore Bench इस मामले में लगातार सरकार और संबंधित संस्थाओं से जवाब मांग रही है। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से पूछा है कि Anika के इलाज के लिए बची हुई रकम की व्यवस्था किस तरह की जा सकती है। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार से मदद की संभावनाएं तलाशने को कहा है।

माता-पिता ने क्राउडफंडिंग से जुटाए करोड़ों रुपए

Anika के माता-पिता Sarita Sharma और Praveen Sharma पिछले कई महीनों से बेटी के इलाज के लिए लोगों से आर्थिक मदद मांग रहे हैं। Indore के अलावा दूसरे शहरों में भी उन्होंने क्राउडफंडिंग के जरिए मदद जुटाई। परिवार की अपील पर आम लोगों और सामाजिक संस्थाओं ने भी सहयोग किया है।

जून में सामने आई जानकारी के अनुसार परिवार करीब 7.50 करोड़ रुपए जुटा चुका था, जबकि इलाज की कुल लागत करीब 9.50 करोड़ रुपए बताई गई थी। बाद में Jodhpur की True Hope Foundation ने भी Anika के इलाज के लिए 1.21 करोड़ रुपए की मदद दी।

कोर्ट ने सरकार से समाधान निकालने को कहा

मामले की सुनवाई के दौरान Anika की ओर से Advocate Chanchal Gupta ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत के सामने इलाज की लागत और परिवार की आर्थिक स्थिति की जानकारी रखी। इससे पहले High Court ने केंद्र और राज्य सरकार से भी पूछा था कि बच्ची के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की कोई व्यवस्था की जा सकती है या नहीं।

चंचल गुप्ता, अधिवक्ता

अदालत ने इस मामले में प्रशासनिक और इलाज से जुड़ी देरी को भी गंभीरता से लिया है। जुलाई में सुनवाई के दौरान High Court ने Delhi स्थित AIIMS से इलाज में कथित देरी पर जवाब मांगा था। कोर्ट ने AIIMS को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे।

दस्तावेज जुटाने में लगा परिवार

अब Anika के माता-पिता के सामने एक और जरूरी काम है। उन्हें कोर्ट में यह जानकारी देनी है कि अलग-अलग प्लेटफॉर्म और बैंक खातों में जमा राशि में से वास्तव में कितनी रकम इलाज के लिए उपलब्ध हो सकेगी। इसके लिए संबंधित दस्तावेज अदालत में पेश किए जाएंगे।

परिवार को उम्मीद है कि सरकार और कोर्ट के हस्तक्षेप से बची हुई रकम का रास्ता निकलेगा और Anika का इलाज जल्द शुरू हो सकेगा। मामले की अगली सुनवाई में सरकार की ओर से शेष राशि की व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।