भोपाल में सीलिंग के खिलाफ चक्काजाम, ब्यूटीशियन ने सड़क पर किया मेकअप; व्यापारियों ने दी आत्मदाह की चेतावनी
भोपाल में कमर्शियल गतिविधियों पर कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं।
Bhopal Chakka Jam : मध्य प्रदेश। भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को व्यापारी सड़क पर उतर आए। व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर करीब पौने दो घंटे तक चक्काजाम किया। बड़ी संख्या में व्यापारी और महिलाएं सड़क पर बैठकर नारेबाजी करती रहीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई इलाकों में वर्षों से कारोबार चल रहे हैं। अचानक सीलिंग की कार्रवाई होने से दुकानदारों के साथ कर्मचारी और उन पर निर्भर परिवार भी प्रभावित होंगे। बाद में व्यापारियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए धरना समाप्त किया।

CM हाउस की ओर बढ़े व्यापारी तो पुलिस ने रोका
प्रदर्शन के दौरान कुछ व्यापारी मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने लगे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। CM हाउस की ओर जाने वाली सड़कों पर सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने कई जगह सड़क पर बैठकर नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान भी गाया। व्यापारियों का कहना है कि वे सरकार को टैक्स देते हैं और लंबे समय से इन इलाकों में कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में दुकानों को बंद कराने के बजाय सरकार को ऐसा रास्ता निकालना चाहिए, जिससे नियमों का पालन भी हो और कारोबार भी चलता रहे।
सड़क पर ब्यूटी पार्लर का विरोध
कमर्शियल गतिविधियों पर कार्रवाई के विरोध में ब्यूटिशियन भी प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने सड़क पर ही मेकअप करके विरोध जताया। उनका कहना था कि ब्यूटी पार्लर और छोटे कारोबार बंद होने से बड़ी संख्या में लोगों का रोजगार प्रभावित होगा।

महिला व्यापारियों ने सरकार से तत्काल समाधान निकालने की मांग की। एक महिला व्यापारी ने कहा कि मंगलवार को करीब 500 लोग सड़क पर हैं। अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में इससे कहीं बड़ा आंदोलन हो सकता है।
व्यापारियों ने मास्टर प्लान की मांग उठाई
थोक बाजार व्यापारी संघ के अभिषेक रब्बू ने भोपाल का मास्टर प्लान जल्द लागू करने और मिक्स्ड लैंड यूज का प्रावधान करने की मांग की। उन्होंने गुजरात की तर्ज पर अनधिकृत विकास नियमितीकरण कानून-2022 लागू करने की भी मांग रखी।

व्यापारियों का तर्क है कि कई संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई है और नगर निगम उनसे संपत्ति कर भी लेता है। ऐसे में वर्षों से चल रहे कारोबार पर अचानक नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी है।
Deekshamehra 
