अमेरिकी नाकाबंदी के बीच चीनी टैंकर ने होर्मुज पार किया: ईरान-अमेरिका परमाणु गतिरोध जारी

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से चीनी टैंकर ‘रिच स्टार्री’ के गुजरने से सैन्य नाकाबंदी पर सवाल उठे हैं। परमाणु वार्ता में गतिरोध और तेल कीमतों में उछाल ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है

अमेरिकी नाकाबंदी के बीच चीनी टैंकर ने होर्मुज पार किया: ईरान-अमेरिका परमाणु गतिरोध जारी
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अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई सैन्य नाकाबंदी के बावजूद एक चीनी टैंकर ‘रिच स्टार्री’ ने मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर लिया। शिपिंग डेटा के अनुसार, नाकाबंदी शुरू होने के बाद यह पहला जहाज है जो फारस की खाड़ी से बाहर निकला। टैंकर पर पहले से अमेरिकी प्रतिबंध लगे हैं और इसमें लगभग 2.5 लाख बैरल मेथनॉल लदा था, जो संयुक्त अरब अमीरात के हमरिया पोर्ट से लोड किया गया था।

यह घटना अमेरिका-ईरान तनाव के बीच महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिकी सेना ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों को रोका जाएगा, जबकि अन्य देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी। फिर भी चीनी टैंकर का सफलतापूर्वक गुजरना नाकाबंदी की प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहा है।

परमाणु वार्ता में गतिरोध:
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में हुई हालिया वार्ता में ईरान ने 5 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, अमेरिका 20 साल की लंबी अवधि पर अड़ा रहा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसके तुरंत बाद अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी शुरू कर दी।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने का ठोस भरोसा देना होगा। उन्होंने इसे अमेरिका की ‘रेड लाइन’ बताया और कहा कि अब गेंद तेहरान के पाले में है। वेंस ने ईरान पर ‘इकोनॉमिक टेररिज्म’ की तैयारी का भी आरोप लगाया। ट्रंप ने चेतावनी दी कि जो भी ईरानी जहाज नाकाबंदी के पास आएगा, उसे तुरंत तबाह कर दिया जाएगा। ईरान ने जवाबी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसके बंदरगाहों पर हमला हुआ तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर में कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने ‘नेशनल रेजिस्टेंस’ की तारीफ की और कहा कि विदेशी दबाव के बावजूद ईरानी जनता मजबूत खड़ी है।

रूस का प्रस्ताव:
इस संकट को कम करने के लिए रूस ने ईरान का संवर्धित यूरेनियम अपने पास रखने का ऑफर दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि यह प्रस्ताव अभी भी खुला है, हालांकि अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। रूस का मानना है कि इससे अमेरिका की चिंताएं कम हो सकती हैं और परमाणु समझौते का रास्ता आसान हो सकता है।

वैश्विक प्रभाव:
ईरान-अमेरिका तनाव के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं। सोमवार को तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया। यूरोपीय यूनियन ने सदस्य देशों को ज्यादा सब्सिडी देने की अनुमति दी है ताकि महंगे ईंधन और बिजली बिल से राहत मिल सके। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की रिपोर्ट के अनुसार, एशिया-प्रशांत क्षेत्र को 97 से 299 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है, जिससे लाखों लोग गरीबी में धकेल दिए जा सकते हैं।

ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित निकालने में मदद का आश्वासन दिया है, जबकि पाकिस्तान ने सीजफायर वार्ता फिर शुरू होने की उम्मीद जताई है। न्यूयॉर्क में युद्ध विरोधी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें चेल्सी मैनिंग जैसे नाम शामिल हैं। ईरान के कॉन्सुलेट जनरल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चेतावनी दी “अभी तो सिर्फ ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है” और तेज रफ्तार मिसाइल बोट्स का जिक्र किया, जो मधुक्खियों के झुंड की तरह काम कर सकती हैं।
वर्तमान स्थिति में दोनों पक्ष सख्त रुख अपनाए हुए हैं। अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार से दूर रखने पर अड़ा है, जबकि ईरान अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रूस का प्रस्ताव या पाकिस्तान की मध्यस्थता कामयाब हुई तो तनाव कम हो सकता है, अन्यथा होर्मुज स्ट्रेट के जरिए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा मंडराता रहेगा।