उज्जैन में बारातियों से भरी बस पलटी, 18 घायल: ओवरटेक करने की कोशिश में बड़ा हादसा

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां बारातियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। यह हादसा इंगोरिया थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर गांव के पास हुआ, जब बस इंदौर से खाचरोद की ओर जा रही थी।

उज्जैन में बारातियों से भरी बस पलटी, 18 घायल: ओवरटेक करने की कोशिश में बड़ा हादसा

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। इंगोरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत जहांगीरपुर गांव के पास इंदौर से खाचरोद जा रही बारातियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में कुल 18 लोग घायल हो गए, जिनमें 13 महिलाएं, 4 बच्चे और 1 पुरुष शामिल हैं। किसी की मौत की खबर नहीं है, लेकिन कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

बस खाचरोद निवासी एक युवक की बारात लेकर इंदौर जा रही थी। बस में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे सवार थे। हादसा उस जगह पर हुआ जहां इन दिनों सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। बस चालक ने निर्माण क्षेत्र में ओवरटेक करने की कोशिश की, जिसमें उसका संतुलन बिगड़ गया और बस सड़क से उतरकर पलट गई। हादसे की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि बस में सवार यात्री फंस गए और पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई।



पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची:
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। इंगोरिया थाना प्रभारी दीपेश व्यास अपनी टीम के साथ तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए। स्थानीय लोगों ने भी बड़ी मदद की और बस में फंसे बारातियों को बाहर निकाला। सभी घायलों को सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, इंगोरिया पहुंचाया गया, जहां CMHO, SDM, SDOP, BMO, तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रियंका जैन सहित चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।



डॉक्टरों ने घायलों को प्राथमिक उपचार दिया:
गंभीर हालत वाले 8 घायलों को उज्जैन के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जिनमें 2 लोगों को सिर में गंभीर चोट (हेड इंजरी) बताई जा रही है। बाकी घायलों का इलाज खाचरोद के अस्पताल में जारी है। नायब तहसीलदार प्रियंका जैन ने बताया कि घायलों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ जाती है।
इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। बारात के सदस्यों में रोने-चिल्लाने की आवाजें गूंज रही थीं। राहत कार्य में स्थानीय ग्रामीणों ने अहम भूमिका निभाई। प्रशासन ने तुरंत 5 एंबुलेंस भी भेजीं ताकि घायलों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की:
प्रारंभिक रिपोर्ट में बस चालक की लापरवाही और निर्माण कार्य के दौरान ओवरटेक करने की गलती को मुख्य वजह माना जा रहा है। सड़क निर्माण के दौरान ट्रैफिक मैनेजमेंट और साइनेज की कमी भी हादसे का कारण हो सकती है। पुलिस बस चालक से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले में रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की कमी को उजागर करता है। खासकर बारात जैसे मौकों पर बसों में भीड़ ज्यादा होती है, ऐसे में चालकों को अतिरिक्त सतर्क रहना चाहिए। सड़क निर्माण कार्य चल रहे क्षेत्रों में स्पीड लिमिट, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती जरूरी है ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।