“खामोश किया गया हूं, हारा नहीं” पद से हटाने के बाद राघव चड्ढा का बयान

आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाकर अशोक मित्तल को नियुक्त किया, जिसके बाद चड्ढा ने वीडियो जारी कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें खामोश किया गया है, लेकिन वे जनता के मुद्दे उठाना जारी रखेंगे।

“खामोश किया गया हूं, हारा नहीं” पद से हटाने के बाद राघव चड्ढा का बयान
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राघव चड्ढा को आम आदमी पार्टी के Deputy Leader पद से हटाने के बाद अब उनकी जगह पंजाब के MP अशोक मित्तल को नया Deputy Leader बना दिया गया है। 2 मार्च को यह फैसला लिया गया, जिसके बाद आज राघव चड्ढा ने एक वीडियो जारी कर आम आदमी पार्टी पर तंज कसा है।

राघव चड्ढा ने एक वीडियो शेयर किया, जिसके टाइटल में उन्होंने लिखा— "खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।" वीडियो में उन्होंने कहा कि—

"मुझे जब-जब Parliament में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं और शायद ऐसे topics उठाता हूं जिन्हें आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता है, लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना, public issues पर बात करना कोई अपराध है?"

"क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को बता दिया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने न दिया जाए। हां, आम आदमी पार्टी ने संसद को सूचित कर दिया है कि उन्हें बोलने का मौका न दिया जाए। अब कोई मुझे क्यों रोकना चाहेगा?"

"आम आदमी पार्टी ने Parliament को यह सूचित किया है कि राघव चड्ढा को Parliament में बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहेगा?" उन्होंने आगे कहा कि— जब भी मैं इस देश की जनता की बात करता हूं, जैसे एयरपोर्ट पर महंगा खाना, डिलीवरी राइडर्स की जोमैटो-ब्लिंकिट, टोल प्लाजा लूट, बैंक चार्जेस की लूट, कंटेंट क्रिएटर्स पर मिडिल क्लास का टैक्स बोझ, टेलीकॉम कंपनियां 12 महीने में 13 बार रिचार्ज करा सकती हैं, रिचार्ज खत्म होते ही इनकमिंग बंद कर दें— ये सारे मुद्दे मैंने सदन में उठाए।

"इन मुद्दों को उठाने के बाद आम आदमी पार्टी को फायदा हुआ है, लेकिन इससे पार्टी को क्या नुकसान हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? या मेरी आवाज क्यों बंद करना चाहेगा? खैर, आप सब मुझे असीम प्यार देते हैं। "मैं जब-जब आपके मुद्दे उठाता हूं, आप मुझे support करते हैं, शाबाशी देते हैं, हौसला बढ़ाते हैं, इसलिए मैं आपको कहना चाहता हूं— thank you।"

इसके बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी को कहा— "मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वह दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।"

लेकिन उन्हें पद से हटाया ही क्यों गया?

राघव चड्ढा जहां एक ओर लोगों के मुद्दे उठाते हैं, वहीं दूसरी ओर उन पर पार्टी के मुद्दे न उठाने के भी आरोप हैं। जब केजरीवाल जेल से छूटकर बाहर आए थे, तब भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। अक्सर उन्हें पार्टी से हटकर ही देखा जाता है। शायद इसलिए उन्हें उपनेता के पद से हटाया गया है।