Mauganj: बच्चों की सुरक्षा और खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन सख्त, कलेक्टर ने सभी विभागों को दिए कड़े निर्देश

Mauganj में कलेक्टर संजय कुमार जैन ने जिला टास्क फोर्स और खदान संचालकों की बैठकों में बाल संरक्षण, बाल श्रम, बाल विवाह, खदान सुरक्षा, फेंसिंग, पौधारोपण और CSR को लेकर सख्त निर्देश जारी किए.

Mauganj: बच्चों की सुरक्षा और खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन सख्त, कलेक्टर ने सभी विभागों को दिए कड़े निर्देश

Mauganj. जिले में बच्चों की सुरक्षा, बाल अधिकारों के संरक्षण और खदानों में सुरक्षा व पर्यावरण मानकों के पालन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. कलेक्टर संजय कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित अलग अलग बैठकों में अधिकारियों और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नियमों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.

सबसे पहले जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक में बाल संरक्षण, बाल श्रम उन्मूलन, बाल विवाह रोकथाम और बाल तस्करी जैसे संवेदनशील विषयों की समीक्षा की गई. कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा. उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी और जन जागरूकता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए.

कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों, ढाबों, ईंट भट्टों, खदानों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर औचक निरीक्षण किए जाएं. बाल विवाह की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई हो और पंचायतों व सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को बाल तस्करी के प्रति जागरूक किया जाए.

बैठक में Mission Vatsalya, Child Helpline और Juvenile Justice Act के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाए ताकि कोई भी पात्र बच्चा सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे.

इसके बाद जिले के खदान संचालकों के साथ आयोजित बैठक में कलेक्टर ने खनन कार्यों में सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कड़े निर्देश जारी किए. उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान सभी खदानों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी.

सभी खदान संचालकों को खदान क्षेत्रों की फेंसिंग कराने, श्रमिकों को हेलमेट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए. साथ ही प्रत्येक खदान परिसर में व्यापक पौधारोपण और पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करने को कहा गया.

कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत संचालकों को आसपास के गांवों में जनहित के कार्य करने, सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन लगाने और सामुदायिक विकास गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए. प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी खदान संचालकों को समय सीमा के भीतर मासिक पत्रक और निर्धारित रिटर्न जमा करने के लिए कहा गया.

बैठक में पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन ने बच्चों के खिलाफ अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कही. वहीं अपर कलेक्टर पीके पांडेय, संयुक्त संचालक खनिज दीपमाला तिवारी, वन मंडल अधिकारी लोकेश निरापुरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और खदान संचालकों ने अपने अपने क्षेत्रों में निर्देशों का प्रभावी पालन कराने का भरोसा दिलाया.

बैठक के अंत में कलेक्टर संजय कुमार जैन ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल नियम बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है. बच्चों की सुरक्षा हो या खदानों में श्रमिकों और पर्यावरण की सुरक्षा, सभी विभागों को जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा.