1 हजार करोड़ की धोखाधड़ी केस: महेंद्र गोयनका से राज उगलवाने कोलकत्ता पुलिस को फिर मिली 4 दिन की पुलिस रिमांड
कोलकाता कोर्ट ने 1000 करोड़ की कथित धोखाधड़ी मामले में रायपुर निवासी महेंद्र गोयनका की पुलिस रिमांड 4 दिन और बढ़ा दी है। पुलिस अब कंपनी कब्जे, वित्तीय अनियमितताओं और कूटरचित दस्तावेजों से जुड़े आरोपों की गहन जांच कर रही है।
कोलकत्ता पुलिस ने कटनी निवासी संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियों से 1000 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में रायपुर निवासी आरोपी महेन्द्र गोयनका को दस दिनों की रिमांड पूरी होने पर आज कोलकत्ता कोर्ट में पेश किया कोर्ट में दोनों पक्षों की बहस एवं पुलिस के द्वारा अब तक की की गई जांच से संतुष्ट होकर एवं पुलिस द्वारा प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच के लिए मुख्य आरोपी महेंद्र गोयनका को पुनः रिमांड जारी करने का आग्रह किया जिस पर कोर्ट ने महेंद्र गोयनका को पुनः चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा दिया है ।

अब दिनों की पुलिस रिमांड मिलने के बाद कंपनियों को हड़पने,करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार तथा कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से कंपनी पर अवैध कब्जा करने के आरोपों की जांच अब और तेज होने की संभावना है।
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी को अब तक की पूछताछ और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं। पुलिस का मानना है कि कंपनी के स्वामित्व, वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों में कथित हेरफेर से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए आरोपियों से आगे भी विस्तृत पूछताछ आवश्यक है।

जांच के दायरे में कंपनी के वित्तीय अभिलेख, बैंकिंग लेन-देन, संपत्ति संबंधी दस्तावेज तथा कथित रूप से तैयार किए गए कूटरचित दस्तावेज शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए सभी संबंधित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

