आपातकाल के 51 साल पूरे: पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा बोले- इमरजेंसी कोई घटना नहीं, बल्कि कांग्रेस की सोच
भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा का कांग्रेस पर तीखा हमला, बताया लोकतंत्र विरोधी विचारधारा का प्रतीक
रीवा। भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा अपने एकदिवसीय प्रवास पर बुधवार को रीवा पहुंचे। जहां उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आज 25 जून को इमरजेंसी लगी थी, जिसके 51 साल पूरे हो गए हैं। 1 लाख से ज्यादा लोग इमरजेंसी में प्रभावित हुए थे। यह स्वाभाविक रूप से मानस में उभरता होगा कि 51 साल बाद भी यह जख्म हरा क्यों है, क्योंकि वह एक घटना नहीं थी, इमरजेंसी एक विचार था, जो कांग्रेस के अंदर है, गांधी-नेहरू परिवार के अंदर है, तानाशाही का विचार, लोकतंत्र की हत्या का विचार, लोकतंत्र से अपने को ऊपर समझने का विचार।

यह कांग्रेस की क्रूर मानसिकता है- नरोत्तम मिश्रा
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि एक लाख लोगों में अटल, आडवाणी, राजनाथ सिंह और हमारे छोटे स्वयंसेवक तक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमने दो बार आज़ादी की लड़ाई लड़ी—एक फिरंगियों से, स्वतंत्रता सेनानियों ने लड़ाई लड़ी और दूसरी लोकतंत्र बचाने के लिए लोकतंत्र सेनानियों ने लड़ाई लड़ी। क्रूरता का आलम ऐसा था कि जेल में बंद हमारे जो स्वयंसेवक थे, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता थे, उन्हें अपने परिवार से नहीं मिलने दिया जाता था, दिवंगत होने पर भी मिलने नहीं दिया जाता था। यह कांग्रेस की क्रूर मानसिकता है।

उन्होंने कहा कि अचंभा यह है कि जिन्होंने संविधान को कई बार तोड़ा और मरोड़ा, अकेले इंदिरा गांधी ने इस संविधान में 31 बार संशोधन कर दिया, उन्हीं का बेटा आज संविधान की किताब लिए घूम रहा है। यह अचंभे की बात है। जिन्होंने लोकतंत्र को रौंद दिया, वे आज लोकतंत्र को बचाने की बात करते हैं, वे आज देश की स्वायत्तता की बात कर रहे हैं। यह अचंभे की बात है।
Varsha Shrivastava 
