चित्रकूट में बारिश का तांडव, मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर, सतना-मैहर में 20 प्रमुख मार्ग बंद
चित्रकूट में भारी बारिश से मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से 100 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। सतना-मैहर में भी बाढ़ से 20 प्रमुख मार्ग बंद हैं।
सतना। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। चित्रकूट में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते मंदाकिनी नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 100 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। वहीं सतना और मैहर जिलों में भी भारी बारिश के चलते कई नदियां और नाले उफान पर हैं। करीब 20 प्रमुख मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
चित्रकूट के ऊपरी जंगलों में बीती रात से हो रही तेज बारिश का असर मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर के चलते स्फटिक शिला, सती अनुसूया और गुप्त गोदावरी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के आवागमन मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए हैं।बीते वर्ष आई विनाशकारी बाढ़ की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।

पिंडरा नदी का पानी घरों तक पहुंचा
मझगवां क्षेत्र में भी बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। पिंडरा नदी का जलस्तर बढ़ने से पिंडरा गांव के तटीय इलाकों में पानी पहुंच गया है। कई घरों में नदी का पानी घुसने की जानकारी सामने आई है।वहीं बभियां गांव के पास रपटे पर पानी आने से मझगवां-मानिकपुर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इससे इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है।

धारकुंडी में भी बारिश का रौद्र रूप
परमहंस आश्रम धारकुंडी में भी लगातार बारिश के बाद पानी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। आसपास के इलाकों में पानी का बहाव तेज हो गया है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।जैतवारा-कोठी मार्ग पर भी पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। लगना नदी में भारी पानी आने के साथ ही पुल के ऊपर से भी पानी बहने की जानकारी सामने आई है।

अमरपाटन में कई प्रमुख मार्ग बंद
सतना जिले के अमरपाटन क्षेत्र में देर रात से लगातार हो रही बारिश के कारण ताला और मुकुंदपुर से जुड़ने वाले कई प्रमुख मार्गों पर आवागमन बंद हो गया है। अमरपाटन-मुकुंदपुर और बेला-गोविंदगढ़ मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है।गऊघाट और मुर्जुआ नदी के पुल के ऊपर बाढ़ का पानी आ गया है। ताला थाना क्षेत्र के एक दर्जन से ज्यादा गांवों का शहरों से संपर्क टूट गया है।
मुकुंदपुर हुआ टापू में तब्दील
मुकुंदपुर में भंवरा नदी और मुरजुआ नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात गंभीर हो गए हैं। गऊघाट पुल के ऊपर पानी बढ़ रहा है, जबकि कस्तरा रपटा भी पानी के तेज बहाव की चपेट में है।अष्टभुजा मंदिर चारों तरफ से पानी से घिर गया है। वहीं मुकुंदपुर की हरिजन बस्ती और आसपास के इलाकों में नदी का पानी घरों तक पहुंच गया है। कुछ इलाकों में पानी भरने के कारण गांव टापू में तब्दील हो गया है।लोगों के घरों में पानी घुसने के बाद ग्रामीण अपने परिवार और जरूरी सामान को लेकर सुरक्षित ऊंचे स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। कई घरों में रखा अनाज भी पानी में डूब गया है, जिससे लोगों के सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की मांग की है। वहीं गांव के अंदर कई लोगों के फंसे होने की आशंका भी जताई जा रही है।

जैतवारा-बिरसिंहपुर मार्ग पर भी पानी
लगातार बारिश के चलते जैतवारा-बिरसिंहपुर मार्ग पर भी पानी भर गया है। इस वजह से यहां भी आवागमन बंद हो गया है। कई अन्य ग्रामीण और प्रमुख मार्गों पर भी पानी आने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यूपी-एमपी प्रशासन अलर्ट
हालात को देखते हुए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश प्रशासन अलर्ट मोड पर है। चित्रकूट में पुलिस, राजस्व और SDRF की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। नगर परिषद चित्रकूट के बाढ़ नियंत्रण अधिकारी प्रभात सिंह अपनी टीम के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।लगातार बारिश के बीच प्रशासन की नजर नदी-नालों के जलस्तर और प्रभावित गांवों पर बनी हुई है। वहीं ग्रामीणों से नदी और तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की जा रही है।फिलहाल भारी बारिश का दौर जारी है और अगर बारिश इसी तरह होती रही तो आने वाले घंटों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

Anubhav Dubey 
