US-Israel-Iran War: ट्रम्प ने पुतिन को लगाया फोन, जल्द खत्म हो सकता है युद्ध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से ईरान-इजराइल युद्ध को खत्म करने पर बातचीत की। इस बयान के बाद ग्लोबल मार्केट में तेजी और कच्चे तेल की कीमत में गिरावट देखी गई।

US-Israel-Iran War: ट्रम्प ने पुतिन को लगाया फोन, जल्द खत्म हो सकता है युद्ध
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्ध को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की है। ये बातचीत 9 मार्च की रात जंग के हालातों को लेकर हुई। ट्रम्प ने बताया कि रूस, ईरान जंग को खत्म करने में मदद करना चाहते हैं। जिस पर ट्रम्प ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने में मदद की जाए तो ज्यादा बेहतर होगा।

युद्ध लगभग खत्म हो चुका है

ट्रम्प ने बताया कि ईरान-इज़राइल जंग के बीच यह पहली बार था जब उन्होंने पुतिन से बात की। ये बातचीत काफी अच्छी रही, और रूस जंग को समाप्त करने में सहयोग भी करना चाहते हैं।

इस बीच अमेरिका ने युद्ध खत्म होने के भी संकेत दे दिए हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि-

"ईरान के खिलाफ युद्ध जल्द खत्म हो सकता है और मुझे लगता है कि युद्ध लगभग खत्म हो चुका है, क्योंकि ईरान के पास अब न तो नौसेना है, न कम्युनिकेशन और न कोई एयरफ़ोर्स है। उनके ड्रोन हर जगह नष्ट कर दिए गए हैं। और अब उनके पास कुछ भी नहीं बचा है। यहां तक की लीडरशिप भी नहीं।"

एक हफ्ते और चलेगा युद्ध 

28 फरवरी को शुरू हुआ युद्ध, जिसे अमेरिका ने कहा था कि यह 4 हफ्ते या उससे भी ज्यादा दिन चल सकता है, अब खत्म होने की कगार पर है। लेकिन यह युद्ध इस हफ्ते खत्म तो नहीं होगा क्योंकि अमेरिका ने साफ कहा है कि-

"मेरा भी युद्ध खत्म करने का ही इरादा है। हमारा ईरान अभियान जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन इस हफ्ते नहीं।" जिससे साफ है कि अभी कुछ दिनों तक जंग जारी रहेगी।"

तेल की कीमत गिरी, बाजार में राहत

इधर अमेरिका के युद्ध खत्म करने के बयान के बाद ग्लोबल शेयर मार्केट में गजब की उछाल देखने को मिली। जहां पहले कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई थी, वही बयान के बाद तेल कीमतों में तेजी से गिरावट आई और आज 10 मार्च की सुबह इसकी कीमत 85 डॉलर के करीब पहुंच गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका को भी बढ़ती तेल की कीमतों की चिंता है। क्योंकि अमेरिका ने जहां हाल ही में भारत को अमेरिका और वेनेज़ुएला से तेल खरीदने की हिदायत दी थी, अब जंग के समय अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने की छूट दी है। मतलब साफ है कि अमेरिका को भी बढ़ती तेल की कीमतें सता रही हैं।