54 साल बाद फिर चांद पर पहुंचेंगे इंसान, नासा ने 'आर्टेमिस-2' मिशन लॉन्च किया

नासा ने आर्टेमिस-2 मिशन के जरिए इंसानों को फिर से चांद की ओर भेजा है, जिसमें 4 अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। यह मिशन 1972 के अपोलो-17 के बाद मानव के चांद पर लौटने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

54 साल बाद फिर चांद पर पहुंचेंगे इंसान, नासा ने 'आर्टेमिस-2' मिशन लॉन्च किया
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54 साल बाद एक बार फिर इंसान चांद पर जाने को तैयार है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने अपना 'आर्टेमिस-2' मिशन लॉन्च कर दिया है, जिसके तहत 4 अंतरिक्ष यात्रियों को 'स्पेस लॉन्च सिस्टम' (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में बैठाकर चांद पर भेजा जा रहा है।

फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से 2 अप्रैल की सुबह 4:05 बजे अमेरिका ने इस मिशन को लॉन्च किया। इस मिशन पर रीड वाइसमैन, जो कि कमांडर हैं और मिशन का नेतृत्व कर रहे हैं; विक्टर ग्लोवर, जो कि पायलट हैं; क्रिस्टीना कोच, जो कि चांद पर जाने वाली पहली महिला यात्री हैं; और जेरेमी हैनसन को भेजा गया है, जो मिशन के विशेषज्ञ हैं। यह मिशन 10 दिन का है। 10 दिन के अंदर चारों अंतरिक्ष यात्री चांद के चारों ओर चक्कर लगाएंगे, फिर धरती पर वापस लौटेंगे।

बता दें कि आखिरी बार साल 1972 में 'अपोलो-17' मिशन के तहत यूजीन सर्नन और हैरिसन श्मिट को चांद पर भेजा गया था। यह मिशन चांद पर सबसे ज्यादा समय, करीब 75 घंटे, बिताने वाला मिशन था। साथ ही इस मिशन ने सबसे लंबी दूरी भी तय की थी।